19.3 C
New York
Friday, October 16, 2026

पोक्सो अपराध में विधायक और आम नागरिक पर कानून व्यवस्था अलग-अलग क्यों…?

Ashoka Times…25 November 2025

कहा जाता है देश का संविधान और कानून सबको एक तराजू में तोलता है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस वक्त कानून विधायक और आम लोगों के लिए अलग-अलग तरीके से कम कर रहा है। हिमाचल प्रदेश में जब भी पोक्सो एक्ट के तहत कोई मामला दर्ज होता है अधिकतर मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ की जाती है, लेकिन चंबा के चुराहा से भाजपा विधायक हंसराज पर पोक्सो एक्ट के बाद चार बार पुलिस थाने बुलाकर पूछताछ कर चुकी है लेकिन गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। जबकि आम आदमी के ऊपर अगर पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होता है तो 95% मामलों में पुलिस गिरफ्तार कर पूछताछ करती है और उसके बाद जुडिशरी रिमांड पर भेज दिया जाता है।

अगर आप न्यूजपेपर उठाकर देखेंगे तो हर रोज पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में गिरफ्तारियां नजर आ जाएंगी।

पिछले साल भी इस युवती ने विधायक ने अश्लील चैटिंग करने के आरोप लगाए थे। जिसकी चैटिंग भी सामने आई थी। बाद में विधायक और दोनों में समझौता भी हो गया था, लेकिन इस बार युवती ने विधायक पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को युवती महिला थाने में शिकायत लेकर पहुंची थी। अदालत में युवती ने जज के समक्ष अपने बयान दिए, जिसके आधार पर अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने को कहा था।

युवती के पिता की शिकायत पर पुलिस ने विधायक के निजी सचिव लेखराज और एक अन्य आरोपी मुनिया खान के खिलाफ अपहरण, धमकाने और जबरन बयान बदलवाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने तफ्तीश भी तेज कर दी है।

पीड़ित युवती के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि पिछले साल आरोपी उन्हें और उनकी बेटी को जबरन अगवा कर शिमला ले गए, जहां उन्हें धमकाकर बयान बदलवाया गया। पिता के अनुसार बात न मानने पर घर में आग लगाने की धमकियां दी गईं और बेटी का पुराना मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया गया। पिता का कहना है कि उनसे भी फोन स्विच ऑफ करवा दिया था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने मजबूर कर लिखित बयान तैयार करवाया, जिसे बेटी से लाइव आकर पढ़वाया गया।

दरअसल सत्ता में बैठे ताकतवर लोगों के लिए देश का कानून अलग तरीके से काम करता है सिर्फ कानून ही नहीं न्यायपालिका भी कुछ नरम होकर काम करती दिखाई देती है। फिलहाल जिस तरह से इस मामले में विधायक से पूछताछ जांच और कानून व्यवस्था का लाभ दिया जा रहा है उससे नहीं लगता कि आरोप लगाने वाली युवती को कभी न्याय मिल पाएगा।

ऐसे सैकड़ो अपवाद आपको मिल जाएंगे ‌जिस सख्ती के साथ आम आदमी को सलाखों के पीछे भेजा जाता है वह ताकत उस वक्त कहीं खो जाती है जब कोई सत्ताधारी या ताकतवर इंसान पोक्सो जैसे गुनाह में फंसता है।

वहीं दूसरी और आज भी हमारे देश में लोगों को अपने न्यायिक अधिकारों की बहुत कम जानकारी है। अक्सर इस मंद जानकारी के कारण पुलिस आम नागरिकों पर कानून व्यवस्था को लादकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए वाहवाही बटोर लेती है। ऐसे में पोक्सो एक्ट लगने पर आम नागरिक सलाखों के पीछे और विधायक जैसे शक्तिशाली सत्ता धारी जमानत करवा कर पुलिस के सामने सीना तान पुछताछ तक ही सिमट कर रह जाते हैं। और विधायक जैसे ताकतवर लोग केस को किस हद तक प्रभावित कर सकते हैं इसकी व्याख्या  करनी ही बेकार है ।

आज 27 नवंबर को जिला की विशेष अदालत सुनवाई करेगी अगर विधायक हंसराज को स्थाई तौर पर जमानत नहीं मिलती है तो उनकी गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। आपको बता दें कि पुलिस द्वारा की गई जांच पर अदालत का निर्णय काफी निर्भर करता है। और पुलिस भले ही विपक्ष के विधायक हो लेकिन एक प्रभाव और दबाव तो बना ही रहता है।

वही आपको बता दे की उक्त नाबालिग रहते युवती के साथ कथित तौर पर गलत काम किया गया वह कमरा विधायक नाचन विनोद कुमार के नाम पर बुक किया गया था जहां पर जाकर पुलिस ने जांच भी की है।

हंसराज विधायक चुराया के बिगड़े बोल-छात्र को जड़ा चांटा..

वर्ष 2020 किंग कोबरा मत बनो… पांवटा साहिब में एक बिजली अधिकारी को कहा

स्कूल में एक छात्र को जड़ा जोरदार चांटा

वर्ष 2022 दाखिला न देने पर प्रींसीपल को काबुल कंधार भेजने की दी धमकी… audio viral

वर्ष 2024 विधायक हंसराज पर अश्लील चेट और न्यूड तस्वीर मांगने के आरोप, मामला दर्ज

वर्ष 2025, पोक्सो एक्ट, और अगवाह कर ब्यान बदलवाने जैसे गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles