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Wednesday, October 14, 2026

पांवटा साहिब में अब एक रिसॉर्ट मलिक ने किया 118 का उल्लंघन…

सालों से चल रहा आलीशान रिजॉर्ट…

Ashoka Times…2 July 2026

पांवटा साहिब में लगातार धारा 118 के उल्लंघन बढ़ते जा रहे हैं अब एक ऐसा ही और मामला व्हाइ पॉइंट पर सामने आया है जहां पर मकान बनाने के लिए 118 की परमिशन ली गई थी लेकिन वहां पर आलीशान रिसॉर्ट और होटल बना दिया गया।

पांवटा साहिब : रिसोर्ट मलिक ने कानून की धज्जियां उड़ा बनाया होटल , फर्जी तरीके से जमीन खरीदने के आरोप, तहसीलदार ने किया नोटिस जारी

पावटा साहिब के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने शिकायत दर्ज करवाई है कि हरियाणा के एक रिसॉर्ट मलिक और उसकी बेटी ने फर्जी तरीके से मकान के लिए ली गई जगह पर रिसोर्ट खड़ा कर दिया है। यह व्यक्ति एक फैक्ट्री में पहले मैनेजर था और हिमाचल का स्थाई निवासी भी नहीं है ना ही कृषक है परंतु फर्जी तरीके से 118 की परमिशन लेकर रिसोर्ट बना दिया अब शिकायत मिलने के बाद तहसील कार्यालय से 30/6/2026 आरोपी को नोटिस जारी किया गया है और जवाब मांगा गया है आज इसकी सुनवाई स्थानीय तहसीलदार की कोर्ट में हुई ।

क्या है शिकायत…

शिकायत में कहा गया है कि शिकायतकर्ता पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि.प्र.) का स्थाई निवासी है।

2. यह शिकायत कैलाश आजाद पुत्र कवर भान तथा रोहनी पुत्री कैलाश आजाद, निवासी पांवटा साहिब के विरुद्ध प्रस्तुत की जा रही है, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश भू-सुधार एवं किरायेदारी अधिनियम, 1972 की धारा 118 का उल्लंघन करते हुए भूमि का अवैध क्रय किया तथा उसका व्यावसायिक उपयोग किया।

3. कि प्रारम्भ में रजिस्ट्री संख्या 359 एवं 360 दिनांक 08.05.1998 के माध्यम से क्रमशः 0-7 बीघा एवं 0-9 बीघा भूमि (माता) एवं (पत्नी) के नाम पर केवल आवासीय मकान निर्माण हेतु राज्य सरकार की अनुमति से क्रय की गई थी।

4. कि तत्पश्चात रजिस्ट्री संख्या 272 दिनांक 30.03.1999 के माध्यम से 0-5 बीघा भूमि आरोपी की पत्नी और माता के संयुक्त नाम पर बिना राज्य सरकार की अनुमति एवं बिना कृषक प्रमाण पत्र के क्रय की गई, जो कि स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है।

5. कि उपरोक्त व्यक्ति गैर-कृषक हैं तथा भिवानी, जिला हिसार (हरियाणा) के स्थायी निवासी हैं, अतः धारा 118 के अंतर्गत बिना अनुमति भूमि क्रय करने के पात्र नहीं थे।

6. कि आरोपी की पत्नी मृत्यु के उपरांत उक्त संपत्ति का नामांतरण दिनांक 30.03.2009 को श्रीमती रोहनी के नाम कर दिया गया तथा बाद में संपूर्ण भूमि उनके स्वामित्व में आ गई।

7. कि सरकार से प्राप्त अनुमति केवल आवासीय मकान निर्माण हेतु थी, परंतु उक्त भूमि पर Resort बनाकर 30–40 कमरों वाला बहुमंजिला होटल निर्मित कर कई वर्षों से संचालित किया जा रहा है, जो अनुमति का दुरुपयोग है।

8. कि उक्त भूमि पूर्व में खसरा नंबर 1166/1039 थी, जो वर्तमान में खसरा नंबर 127, 128, 129 एवं 130 (कुल 904-13 वर्ग मीटर) के रूप में दर्ज है, स्थित मौजा पांवटा साहिब।

9. कि प्रतिवादियों का यह कृत्य धारा 118 का घोर उल्लंघन है तथा भूमि का अवैध व्यावसायिक/औद्योगिक उपयोग किया जा रहा है।

10. कि यह भी निवेदन है कि प्रतिवादियों ने नगरपालिका परिषद पांवटा साहिब से दिनांक 26.11.2021 को भवन नक्शा स्वीकृत कराया, जबकि होटल वर्ष 2009-10 से संचालित है, जो तथ्यों को छिपाकर प्राप्त किया गया प्रतीत होता है।

11. कि यह भी आशंका है कि जी.एस.टी. पंजीकरण भी गलत तथ्यों एवं शपथ पत्र के आधार पर प्राप्त किया गया है, जिसकी जांच कर निरस्तीकरण आवश्यक है। फिलहाल मामले में पांवटा साहिब तहसील में सुनवाई शुरू हुई है।

इससे पहले 2024 में पांवटा साहिब तिरूपति ग्रुप द्वारा 118 परमिशन के बिना एक जमीन बेनामी संपत्ति के तौर पर खरीदीं गई और आज भी तहसील न्यायालय में केस चल रहा है। लगभग 2 वर्षों बाद विभाग जांच ही कर रही है।

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