चौरस में एक महिला की जान गई तो भराड़ी व राणफुआ में भी मकान जमींदोज…
रेणुका में दिन भर बाधित रही विद्युत आपूर्ति व सड़कें…
Ashoka time’s…1 September 25
संगड़ाह। सिरमौर जिला के नागरिक उपमंडल संगड़ाह में सोमवार को भारी बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। उपमंडल की नौहराधार तहसील के गांव चौरस में मोहनलाल नामक ग्रामीण का मकान भूस्खलन की चपेट में आने से जहां उनकी 36 वर्षीय पत्नी शीला देवी की दर्दनाक मौत हुई, वहीं खुद मोहनलाल व उनके 19 वर्षीय भतीजा बाल बाल बच्चे।

इसके अलावा भराड़ी में जहां जोगिंदर सिंह नामक ग्रामीण के रिहाईशी मकान के बरामदे वाला हिस्सा गिर गया, वहीं राणफुआ गांव में भी दीप राम का पुराना मकान गिर गया। इसके अलावा भराड़ी गांव में ही मेलाराम नामक ग्रामीण की पशुशाला दबाने से दो गाए एक बछड़ा व 5 बकरियों की मौत हो गई। अंधेरी गांव में भी इंद्र सिंह की पशुशाला गिरने से 6 बकरियां दबकर मर गई। एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ ने कहा कि, चौरस में मृतक महिला के आश्रितों को 25000 की तुंरत राहत राशि जारी की गई है।

उन्होंने बाढ़ प्रभावितों से संबंधित तहसीलदार, पटवारी अथवा अपने कार्यालय में संपर्क करने तथा नुकसान होने पर आरएमएस पोर्टल पर आनलाईन आवेदन को कहा। डीएसपी संगड़ाह मुकेश डडवाल के अनुसार मृतक महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद सौंपा जा चुका है। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित होने प्रशासन से यथासंभव मदद की अपील की है। संबंधित अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक केवल चौरास के मामले में ही राहत राशि जारी की गई है। लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह की सभी मुख्य सड़कें भी दिन भर बंद रहने से क्षेत्र का संपर्क अन्य हिस्सों से कटा रहा। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता व अधिशासी अभियंता संगड़ाह के अनुसार संगड़ाह-रेणुकाजी-नाहन रोड पर यातायात बहाल हो चुका है। सुबह 10 बजे से सायं चार बजे तक 6 घंटे लगातार बिजली गुल रहने से यहां मौजूद उपमंडल स्तर के कार्यालयों व अस्पताल में जनरेटर न होने से काम-काज ठप्प रहा। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा संगड़ाह में विद्युत विभाग के अधिशासी व सहायक अभियंता कार्यालय बंद किए जाने के बाद करीब अढ़ाई साल से 33केवी लाइन संगड़ाह-चाढ़ना भी बंद है। अधिशासी अभियंता नाहन मुकेश कुमार के अनुसार 2-3 लोगों द्वारा जमीन अपनी बताते हुए 33केवी लाइन संगड़ाह-चाढ़ना की मुरम्मत का काम रोका गया है।

