Ashoka time’s…21 august 25
आज दिनांक 20.08.2025 को डी0ए0वीएन0 पब्लिक स्कूल ददाहू परम पावन भगवद गीता पर विद्यार्थियों के लिए एक विचार गोष्ठी आयोजन किया गया।
इस विचार गोष्ठी का आरम्भ करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य धनेन्द्र गोयल ने विद्यार्थियों को बताया कि श्री मदभगवद गीता जिसे गीता के नाम से भी जाना जाता हैं एक प्राचीन भारतीय ग्रन्थ हैं जो जीवन , कर्म ओर आत्म साक्षात्कार के बारे में बहुमूल्य शिक्षांए प्रदान करता हैं। छात्रों के लिए गीता न केवल एक धार्मिक ग्रन्थ हें बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे के तनाव प्रबंधन , नैतिक मूल्यों और आत्म-नियंत्रण के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्षक भी है। गीता छात्रों को परीक्षा के तनाव , प्रतिस्पर्धा और जीवन की चुनौतियों से निपटने में मदद करती हैं यह निष्काम कर्म और आत्मनियंत्रण पर जोर देती हैं ,जो छात्रों का तनाव प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में यह मदद करता है। इसके अलावा गीता विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों जैसे सत्य , ईमानदारी और न्याय आदि को विकसित करने के साथ-साथ मजबूत चरित्र विकसित करने और सही गलत में अंतर करने में मदद करती है।
विद्यालय के अध्यापक सत्यप्रकाष ने इस विचार गोष्ठी में विद्यार्थियों के समक्ष अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि श्री मदभगवदगीता छात्रों को कर्म करो फल की इच्छा मत करो , सत्य और न्याय के मार्ग पर चलो , आत्म-नियंत्रण रखो , ज्ञान प्राप्त करो और विनम्र बने रहो की षिक्षा प्रदान करती है।
विचार गोष्ठी को आगे बढाते हुए विद्यालय के अध्यापक धनवीर षर्मा ने विद्यार्थियों के समक्ष अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि आज कल के परिवेष में जितनी भी समस्यांए हैं उन सब का समाधान श्री भगवदगीता में मिलता हैं , आज कल के परिवेष में जब हर इसान परेषान और हताष हैं तब मात्र गीता ही एकमात्र ग्रन्थ हैं जो उन्हें सही मार्ग पर चलने के लिए अंधकार में भी प्रकाष प्रदान करती है। सभी विद्यार्थी गीता के बताए अनुसार ज्ञान प्राप्त करके अपने जीवन को सार्थक , नैतिक मूल्यों का विकास अपने चरित्र में करके आपने चरित्र को उज्जवल और उच्चकोटि का बना सकते है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य धनेन्द्र गोयल ने बताया के विद्यालय का मोटो चरित्र , संस्ेकार और उच्चकोटि की षिक्षा विद्यार्थियों को प्रदान करना हैं । आज जो यह विचार गोष्ठी श्री मदभगवद गीता पर की गई यह विद्यालय के इसी मोटो का एक हिस्सा हैं । हमारे ग्रन्थ रामायण , महाभारत ,गीता , वेद , उपनिषद और पुराणों में अमूल्य ज्ञान छुपा हैं जिसको प्राप्त करके वर्तमान में विद्यार्थी न केवल पथ भ्रष्ट होने से बच सकते हैं अपितु अपने आत्मविष्वास को मजबूत करते हुए एक सच्चा , जिम्मेदार और एक प्रतिष्ठित नागरीक के रूप में भी इस समाज में सुषोभित हो सकतें है। विद्यालय में रामायण , महाभारत ओर गीता का अध्ययन अति अनिवार्य कर दिया गया हैं ताकि विद्यार्थियों में आधुनिक षिक्षा की प्राप्ति के साथ-साथ अपने संस्कृति , धर्म का ज्ञान भी हो और विद्यार्थी अपने मजबूत संस्कारों की आधारषिला पर कदम रखते हुए इपने उच्चतम से उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त करें ।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य धनेन्द्र गोयल , समस्त विद्यार्थी और विद्यालय का समस्त स्टाॅफ उपस्थित था ।

