Ashoka Times…2 मई 2026
स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने पर अब मामले दर्ज किए जाएंगे हिमाचल प्रदेश में पुराने विद्युत मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदला जा रहा है ऐसे में अगर कोई मना करता है तो उस पर सरकारी काम में बाधा डालने के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
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इस बारे में जानकारी देते हुए सब डिविजनल ऑफीसर विद्युत विभाग गुरुदत्त चौहान ने बताया कि वर्तमान समय में पूरे हिमाचल प्रदेश में पुराने विद्युत मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदला जा रहा है। यह पूरी तरह सरकारी आदेश के तहत किया जा रहा कार्यक्रम है। अभी तक सभी ट्रांसफार्मर, सरकारी कार्यालयों व उपक्रमों, कमर्शियल मीटरों को बदल दिया जा चुका है। लेकिन विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि कई घरेलू उपभोक्ता इसका विरोध कर रहे हैं।
उनका मानना है कि स्मार्ट मीटर से बिल ज्यादा आ रहा है, जो कि सही नहीं है। अगर किसी उपभोक्ता का बिल अधिक आ रहा है और वह सही नहीं लगता, तो वह तुरंत कार्यालय में रिपोर्ट कर सकता है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा जारी उपभोक्ता मीटर स्थापना रिपोर्ट के अनुसार, शिमला जोन के अंतर्गत विभिन्न सर्किलों में अभी तक 911833 मीटरों में से 771645 मीटर (लगभग 84.63%) स्थापित किये जा चुके हैं तथा उच्च अधिकारीयों । कार्यालयों के दिशानिर्देशों के अनुसार शेष बचे हुए स्मार्ट मीटरों की स्थापना को समयबद्ध सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है।
अगर कोई उपभोक्ता मीटर बदलने वाले कर्मियों को काम करने से रोकता है, तो विभाग हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (HPERC) आपूर्ति संहिता, 2009 का खंड 7.3 के अनुसार विद्युत supply disconnect की जाएगी और साथ ही भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 221 के अनुसार सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के संदर्भ में कार्यवाही करने हेतू बाध्य होगा, जिसके लिए संबंधित उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होगा। अधोहस्ताक्षरी द्वारा आम जनता से सहयोग की विनम्र अपील की जाती है।

