पूर्व सैनिकों ने उठाई DC. सिरमौर से बड़ी चूक में जांच की मांग…
Ashoka Times….5 August 2024
पांवटा साहिब के भरली में शहीद सैनिक आशीष कुमार के अंतिम संस्कार में “पुलिस सम्मान गार्ड” नहीं दिया गया जिसको लेकर पूर्व सैनिकों ने डीसी सिरमौर को जांच करने के लिए पत्र सौंपा है।
पांवटा साहिब में पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष एक सूबेदार मेजर करनैल सिंह, एक हवलदार नरेंद्र सिंह ने भरली में शहीद आशीष चौहान को पुलिस सम्मान गार्ड नहीं दिए जाने पर आपत्ति दर्ज की है। पूर्व सैनिक संगठन ने डीसी सिरमौर को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच के लिए लिखा है साथ ही उन्होंने अवगत करवाया कि कुछ रोज पहले राजगढ़ में शहीद सैनिक को पूरे सम्मान के साथ पुलिस सम्मान कार्ड दिया गया था शिलाई के शाहिद प्रमोद सिंह को भी पुलिस सम्मान गार्ड दिया गया था तो आखिर इस बार भरली गांव के शाहिद आशीष चौहान को पुलिस गार्ड सम्मान क्यों नहीं दिया गया। इस पूरे मामले की जांच की जाए पूर्व सैनिकों सहित आम जनता में भी इस बात को लेकर रोष व्याप्त है। लगातार सोशल मीडिया पर पुलिस और प्रशासन के विरुद्ध विरोध आम जनता प्रकट कर रही है।
उच्च अधिकारी नहीं गए शाहिद के घर परिजनों को संवेदनाएं प्रकट करने…
इस बार जब शहीद सैनिक आशीष चौहान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो आम जनता ने तो अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई हजारों की तादाद में लोग अपने काम का छोड़कर शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। लेकिन जिला से कोई आला अधिकारी पार्थिव शरीर के साथ शहीद सैनिक के घर नहीं पहुंचा।

बता दें कि 29 अगस्त वीरवार को सेना के 25 वर्षीय शहीद जवान आशीष चौहान ऑपरेशन अलर्ट के दौरान वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से शहीद हो गए थे । उनका पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा था उस दौरान जिला प्रशासन की और से तहसीलदार ऋषभ शर्मा को छोड़कर कोई भी उच्च अधिकारी शहीद के घर पर मौजूद नहीं था। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने रोष व्यक्त किया था सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा उठाया जा रहा है। इसके अलावा राजकीय सम्मान के दौरान शहीद जवान को पुलिस की टुकड़ी द्वारा दी जाने वाली गन सैल्यूट भी नहीं दिया गया। इस राजकीय सम्मान में यह बड़ी चूक का मामला माना जा रहा है।
फिलहाल पूर्व सैनिकों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की जनता भी है जानना चाहती है कि शहीद को पुलिस सम्मान गार्ड क्यों नहीं दिया गया । इस पूरे मामले की डीसी सरकार द्वारा जांच करवाई जाए और आम जनता की भावनाओं को देखते हुए सभी को इस चूक के कारणों से अवगत करवाया जाए।

