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Wednesday, October 21, 2026

हिमाचल प्रदेश आने पर बढ़ा टैक्स…रेवेन्यू बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाए कदम…

ASHOKA TIMES…19 फरवरी 2026

हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर लगने वाला टैक्स सरकार ने बढ़ा दिया है इसका बड़ा कारण है कि सरकार को प्रदेश में विकास के लिए पैसे की सख्त आवश्यकता है ऐसे में रेवेन्यू बढ़ाकर सरकार एक बड़ा हिस्सा कमाई कर सकती है।

हिमाचल प्रदेश में आने वाले बाहरी पर्यटकों और व्यावसायिक वाहनों के लिए सफर महंगा होने जा रहा है। राज्य की सुक्खू सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए टोल/एंट्री टैक्स की नई दरें तय कर दी हैं। इसमें कई श्रेणियों में शुल्क को करीब ढाई गुना तक बढ़ाया गया है।

क्या है कारण…

सुक्खू सरकार लगातार भारतीय जनता पार्टी के विधायकों पर तंज कस रही है कि आरडीए बंद करवाने में विपक्ष के नेताओं ने पूरी भूमिका निभाई है ताकि सरकार घुटनों पर आ जाए।

माना जा रहा है कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद राज्य सरकार ने आय बढ़ाने के लिए टैक्स का सहारा लिया है। इस फैसले का सीधा असर चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से हिमाचल आने वाले सैलानियों और परिवहन कारोबार पर पड़ेगा।

एचपी टोल्स एक्ट, 1975 के तहत जारी नई दरों के मुताबिक कार, जीप, वैन या हल्के मालवाहक वाहन (7500 किलोग्राम जीवीडब्ल्यू तक) पर अब 170 रुपये प्रतिदिन टोल देना होगा। वहीं 12+1 सीट तक के यात्री वाहन के लिए 130 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है, हालांकि हिमाचल में निजी तौर पर पंजीकृत वाहनों पर यह लागू नहीं होगा। तिमाही और वार्षिक पास के लिए भी निर्धारित गुणांक के अनुसार राशि देनी होगी।

लाइट कमर्शियल व्हीकल, लाइट गुड्स व्हीकल या मिनी बस श्रेणी में 7500 से अधिक और 12000 किलोग्राम से कम जीवीडब्ल्यू वाले मालवाहक वाहन पर 320 रुपये प्रतिदिन टोल लगेगा। इसी श्रेणी में 12+1 से अधिक और 32+1 तक क्षमता वाले यात्री वाहन के लिए 200 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है।

दो धुरी तक के बस या ट्रक (12000 से अधिक लेकिन 20000 किलोग्राम से कम जीवीडब्ल्यू) के लिए मालवाहक पर 570 रुपये और बड़े यात्री बसों पर 250 रुपये प्रतिदिन टोल देना होगा। तीन धुरी वाले वाणिज्यिक वाहनों (25000 किलोग्राम तक जीवीडब्ल्यू) के लिए 600 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है।

भारी निर्माण मशीनरी, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट या चार से छह धुरी वाले मल्टी एक्सल वाहनों (25000 से 60000 किलोग्राम जीवीडब्ल्यू) पर 800 रुपये प्रतिदिन टोल लगेगा, जबकि सात या उससे अधिक धुरी वाले ओवरसाइज्ड वाहनों (60000 किलोग्राम से अधिक जीवीडब्ल्यू) के लिए यह दर 900 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।

सार्वजनिक या निजी कैरियर परमिट के साथ चलने वाले ट्रैक्टरों पर 100 रुपये प्रतिदिन, 500 रुपये तिमाही और 1000 रुपये वार्षिक शुल्क तय किया गया है। मोटर रिक्शा और स्कूटर रिक्शा पर 30 रुपये प्रतिदिन टोल रखा गया है, हालांकि यह हिमाचल में पंजीकृत वाहनों पर लागू नहीं होगा। बैरियर के आसपास रहने वाले निजी वाहन मालिकों के लिए विशेष श्रेणी में 100 रुपये प्रतिदिन, 300 रुपये तिमाही और 1000 रुपये वार्षिक शुल्क तय किया गया है।

पर्यटन और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि बढ़ी हुई दरों से बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

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