17.3 C
New York
Wednesday, October 21, 2026

महिलाएं अपने पुत्र की लंबी उम्र के लिए अहोई अष्टमी की करती है पूजा अर्चना…

Asokatime’s…16 October

अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता (पार्वती)की पूजा की जाती है।अहोई अष्टमी हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है

इस बार अहोई अष्टमी का व्रत 17 अक्टूबर सोमवार को मनाया जा रहा है इस व्रत को सभी महिलाएं अपने पुत्रों की लंबी आयु और पुत्र प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं।

अहोई अष्टमी व्रत की मान्यता…

एक साहूकार की बेटी एक बार मिट्टी खोद रही थी तो गलती से उसे खुरपी से स्याहु का एक बच्चा मर गया। जिस पर दुखी होकर स्याहु ने उसकी कोख बांध दी।स्याहु  के वचन अनुसार साहूकार की बेटी अपनी सातो भाभियों से विनती करती है कि वह उसके बदले अपनी कोख बंधवा लें। सबसे छोटी भाभी ननंद के बदले अपनी कोख बनवाने के लिए तैयार हो जाती है इसके बाद छोटी भाभी के जो भी बच्चे होते हुए 7 दिन बाद मर जाते सात पुत्रों की इस प्रकार मृत्यु होने के बाद उसने पंडित को बुलवाकर इसका कारण पूछा, पंडित ने सुरही गाय की सेवा करने की सलाह दी।सुरही सेवा से प्रसन्न होती है और छोटी बहू से वरदान मांगने को कहती है जो कुछ तेरी इच्छा हो वह मुझसे मांग ले।

साहूकार की बहू ने कहा कि स्याहु माता ने मेरी कोख बांधी है जिससे मेरे बच्चे नहीं बचते हैं यदि आप मेरी को खुलवा दें तो मैं आपका उपकार मानूंगी। गाय माता ने उसकी बात मान ली।साहूकार की छोटी बहू की नजर एक और जाती है वह देखती है कि एक सांप गरुड़ पंखनी के बच्चे को डंसने जा रहा है तो वह सांप को मार देती है इतने में गरुड़ पंखनी वहां आ जाती है और खून बिखरा हुआ देखकर उसे लगता है कि छोटी बहू ने उसके बच्चे को मार दिया है इस पर वह छोटी बहू को चोट मारना शुरू कर देती है

छोटी बहू इस पर कहती है कि उसने तो उसके बच्चे की जान बचाई है इस पर खुश होती है वह बहू स्याहु की भी सेवा करती है अहोई माता का व्रत कर उसकी को खुल जाती है इस प्रकार इस व्रत करने वाली सभी नारियों की अभिलाषा पूर्ण होते हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles