Home / News / बैसाखी पर सिरमौर के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु…

बैसाखी पर सिरमौर के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु…

बैसाखी पर सिरमौर के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु…

बैसाखी पर सिरमौर के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु…

Ashoka time’s…14 april 26 

आज बैसाखी के पावन पर्व पर जिला सिरमौर पूरी तरह भक्ति और आस्था में सराबोर नजर आया। सुबह की पहली किरण के साथ ही विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांवों से लेकर दूर-दराज क्षेत्रों तक से भक्तजन मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और हर ओर जयकारों की गूंज सुनाई दी।
विशेष रूप से शिरगुल महाराज मंदिर (गेलियो, देवामानल) जिसे स्थानीय रूप से “जेठो मोरु मंदिर” के नाम से भी जाना जाता है, में श्रद्धालुओं का तांता सुबह तड़के से ही लगना शुरू हो गया था। भक्तों ने भगवान शिरगुल महाराज के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
यह मंदिर क्षेत्रीय आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष नोहराधार, चौकर, पीडिया धार, संगड़ा, भोज, गनोग और अन्य दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। बैसाखी के अवसर पर यहां विशेष रूप से मेले जैसा दृश्य देखने को मिला, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ बाहरी श्रद्धालुओं की भी भारी भागीदारी रही।
इसी तरह माँ भगायणी मंदिर हरिपुरधार में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यहां दूर-दराज के इलाकों से आए भक्तों ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिनभर लगी रहीं और कई श्रद्धालुओं ने परिवार सहित पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति के सदस्य लगातार व्यवस्था संभालते नजर आए।
वहीं श्री रेणुका जी मंदिर में भी बैसाखी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। पवित्र सरोवर के दर्शन और मंदिर में पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत उचित प्रबंध किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा विजट महाराज मंदिर, खलोग महाराज मंदिर और पीडिया धार मंदिर में भी श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। इन मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का क्रम लगातार जारी रहा और भक्तजन पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ दर्शन करते नजर आए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बैसाखी पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर सामूहिक भंडारे (लंगर) का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने एक-दूसरे को बैसाखी की शुभकामनाएं दीं और भाईचारे व सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया।

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