एक करोड़ की ड्रग्स (LSD) के तस्करों को छोड़ने वाले पुलिसकर्मी गिरफ्तार….
Ashoka Times…20 March 2026
हिमाचल प्रदेश में एक करोड़ की ड्रग्स यानी LSD और आरोपियों को छोड़ने वाले पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है चारों पुलिसकर्मी एसटीएफ के बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार चारों एसटीएफ पुलिस कर्मी कल्लू के बताए जा रहे हैं। एक करोड़ के लाइसर्जिक एसिड डाइथाइलमाइड (एलएसडी) नशे की तस्करी के मामले में निलंबित एसटीएफ के चारों पुलिस कर्मियों को वीरवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच में पता चला है कि पुलिस कर्मियों ने कुल्लू में एलसीडी के साथ पकड़े गए आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय मोटी रकम लेकर छोड़ दिया था। गिरफ्तार कर्मियों में राजेश कुमार निवासी 14 मील, बडाग्राम (मनाली), समीर वार्ड नंबर-7 पारला (भुंतर), नितेश, बजौरा (भुंतर) और अशोक कुमार गांव बाशिंग शामिल हैं।
चारों शुक्रवार को अदालत में पेश किए जाएंगे। एएसपी अभिषेक ने वीरवार को प्रेसवार्ता में बताया कि चारो बर्खास्त किए जा सकते हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच के आधार पर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे जांच के आधार पर चारों को बर्खास्त भी किया जा सकता है।
याद दिला दे की 10 मार्च को शिमला पुलिस ने बीसीएस में पंजाब के संदीप शर्मा और सिरमौर जिले की प्रिया शर्मा को एलएसडी नशे की 562 स्ट्रिप के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्य सप्लायर केरल का नविएल हैरिसन गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ के बाद शिमला पुलिस को पता चला है कि वे एलएसडी नशा लेकर पहले कुल्लू गए थे। जहां पर एसटीएफ के चार पुलिस जवानों द्वारा इन्हें पकड़ लिया गया था लेकिन बाद में ले देकर छोड़ दिया गया। जांच में चारों की नशा तस्करी में संलिप्तता के सबूत भी मिले हैं। 16 मार्च को चारों सस्पेंड किए गए और लाइन हाजिर कर शिमला में तैनात कर दिए।
कुल मिलाकर एक बार फिर हिमाचल प्रदेश खाकी दागदार हुई है इससे पहले भी कई पुलिस कर्मियों को नशा तस्करी में संलिपिता के कारण अपनी वर्दी से हाथ धोना पड़ा है।
एक करोड़ से अधिक से एलएसडी के तार सीधे जिला सिरमौर के ददाहु से जुड़ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिला सिरमौर में खुफिया एजेंसीज को इस पूरे प्रकरण पर कितनी जानकारी थी और अगर जानकारी नहीं थी तो इतनी बड़ी खेप के साथ तस्कर काम कर रहे थे । संभव है कि जिला सिरमौर से और भी लोगों के तार इस तस्करी से जुड़ सकते हैं।







