Ashoka Times…17 November 2025

सिरमौर की मुख्य नदियों व जल स्त्रोतों में मत्स्य पालन विभाग द्वारा 2 लाख 30 हजार मछली बीज डाले गए। विभिन्न प्रजाति की इन मछलियों के बीज से उन प्रजातियों को भी पनपने का मौका मिलेगा जिनकी प्रजाति खतरे में है।

प्रधानमंत्री द्वारा प्रायोजित इस योजना का शुक्रवार-शनिवार को विभाग द्वारा सफल आयोजन किया गया। इस दौरान मत्स्य पालन विभाग द्वारा 2 लाख 30 हजार मछली के विभिन्न प्रजातियों के बीच नदियों और जल स्रोतों में डाले गए। जिला सिरमौर के मत्स्य पालन विभाग द्वारा कई प्रमुख जल नदियों व स्त्रोतों में आईएमसी यानी भारतीय प्रमुख कार्प डालने का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान शनिवार को श्री रेणुका जी की प्रमुख नदी और जल स्रोतों जैसे गिरी नदी, जलाल, व अन्य स्रोतों में 1 लाख 12 हजार मछलियों के विभिन्न प्रजातियों के बीच डाले गए। वहीं शुक्रवार को भी यमुना नदी, बाता नदी, रुण व मारकंडा, नदी में मछलियों के 1 लाख 18 हजार विभिन्न प्रजातियों के बीच चले गए थे।


इस दौरान मत्स्य पालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी राजेंद्र पाल, व उपनिरीक्षक तेजेंद्र प्रकाश पांवटा साहिब ने बताया कि नदियों में मछलियों की विभिन्न प्रजातियों को छोड़ने का सबसे प्रमुख कारण है कि नदियों में कम हो रही कई प्रजातियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा जल संसाधनों में मछली उत्पादन को बढ़ावा देना व मछली पर निर्भर मछुआरों को और अधिक समृद्ध करना मुख्य उद्देश्य है। इस दौरान कई मछुआरा परिवारों के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी इस योजना में अपनी अहम भूमिका अदा की।








