स्क्रैप मालिक से सांठ गांठ कर बेचा जा रहा था सामान…

22 march 2026
सिरमौर पुलिस ने जल शक्ति विभाग की चोरी की गई मोटर और अन्य कीमती सामान बरामद कर लिया गया है। यह सामान एक स्क्रैप वाले को बेचा गया था । वहीं इस मामले में पांच मुख्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

बता दे की पुलिस ने जल शक्ति विभाग की विभिन्न वाटर सप्लाई और सिंचाई योजनाओं से मोटर, तार और अन्य सरकारी उपकरण चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस संबंध में थाना नाहन में दर्ज मुकदमा संख्या 30/26 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक कुल 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है और भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद करने में सफलता हासिल की है।
*गिरफ्तारी व बरामदगी* :
पुलिस जांच के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों— विशाल, हरपन, सुलेमान, प्रिंस और गगन को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आज मोहित (स्क्रेप वाला) निवासी सुखचैनपुर की दुकान और स्टोर पर छापेमारी की गई, जहाँ से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया है:
1. मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल उपकरण: 3 नई मोटरें (अनुमानित कीमत ₹36,000 प्रति मोटर),
2. 1 स्टार्टर (कीमत लगभग ₹3 लाख) और
3. 1 ऑयल सर्किट ब्रेकर (कीमत लगभग ₹35,000)।
4. औजार: घटना में प्रयुक्त टूलकिट, लोहे की रॉड, कटर और 6-6 मीटर के दो तार के टुकड़े।
5. वाहन: चोरी का सामान ढोने में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
बता दे की जिला सिरमौर में आधे से ज्यादा स्क्रैप वेंडर्स बिना दस्तावेजों और पंजीकरण के काम कर रहे हैं ना तो इन्होंने पुलिस में वेरिफिकेशन करवाई है और ना ही अन्य किसी विभाग से NOC ली है अधिकतर स्क्रैप होल्डर चोरों को संरक्षण देते हैं यहां तक की कई मामलों में सामने आया है स्क्रैप मलिक चोरों को हर महीने पगार पर भी रखते हैं और चोरी का सारा माल खरीद लेते हैं। इतना ही नहीं जिला सिरमौर की सीमाओं से यह स्क्रैप और चोरी का माल खुलेआम सहारनपुर यमुनानगर इलाकों में भेजा जाता है।
वही आपको बता दें की चोरी पर लगाम लगाने के लिए स्क्रैप मालिकों पर सख्ती करने की जरूरत है बिना पंजीकृत किसी भी स्क्रैप होल्डर को काम नहीं करने देना चाहिए।







