56 नशीले कैप्सूल और 49 नशीली गोलियां बरामद…

04 अप्रैल, 2026…
हिमाचल प्रदेश में जहां चिट्टा सबसे बड़ा नशे का कारोबार बना हुआ है। वहीं अब मेडिकल नशीली दवाएं भी सामने आ रही है जिनका सेवन युवा कर रहे हैं।

जिला सिरमौर की नाहन SIU टीम ने एक व्यक्ति के कब्जा से ट्रामाडोल के 56 नशीले कैप्सूल तथा टपेन्डाडोल की 49 गोलियां बरामद करने में सफलता प्राप्त की है जिस सन्दर्भ में पुलिस थाना नाहन में धारा 22,25-61-85 में अभियोग पंजीकृत किया गया है।*
- 3अप को जिला सिरमौर के नाहन की SIU टीम गश्त पर रवाना थी तो टीम को सूचना मिली कि एक साबिर अहमद पुत्र स्व0 शमील अहमद निवासी कांशीवाला नजद सब्जी मण्डी नाहन काफी समय से नशीले कैप्सूल व नशीली दवाईयां बेचने का धंधा नाहन शहर व आसपास के ईलाका में करता है जो आज स्कूटी नम्बर HR01AC-6996 में पांवटा साहिब की तरफ से नाहन की और आ रहा है ।
- जिस पर टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उपरोक्त स्कुटी को रोककर चैक किया तथा तलाशी के दौरान उपरोक्त साबिर अहमद के कब्ज़ा से ट्रामाडोल के कुल 56 नशीले कैप्सूल तथा 49 टपेन्डाडोल की गोलियां बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। इस सन्दर्भ में पुलिस थाना सदर नाहन में अभियोग पंजीकृत किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करके पता लगाया जा रहा है कि यह उपरोक्त गोलियां/ कैप्सूल कहां से लाया है तथा कहां बचने की फिराक में थे ताकि पूरे गिरोह को कानून की गिरफत में लिया जा सके।
आपको बता दे कि हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में पिछले वर्ष एक करोड़ से अधिक की 35 लाख से अधिक नशीली दवाएं सूरजपुर में पकड़ी गई थी । बड़े आश्चर्य की बात है कि उपरोक्त आरोपों को जिला सरमौर के ड्रग्स विभाग द्वारा लाइसेंस दिया गया था। जबकि आरोपी दिल्ली हरियाणा और पंजाब में पहले ही नशीली दवाई बेचने के लिए आरोपी था। इसके अलावा कुछ साल पहले पता साहिब में सूरजपुर में एक बड़ी कंपनी अवैध तरीके से नशीली दवाई भेजती पकड़ी गई थी कुल मिलाकर ड्रग्स विभाग की नाकामी कई बार सामने आ चुकी है कई ऐसे अधिकारी हैं जो कई वर्षों से एक ही जगह पर काम कर रहे हैं जिसके कारण ड्रग्स तस्करी और नशीली दवाई बेचने वाले लोगों को संरक्षण मिल रहा है।







