सांई सोसायटी खाताधारकों में आक्रोश… पैसे डूबने की आशंका, थाने के बाहर नारेबाजी …
Ashoka Times…18 September 2026
पांवटा साहिब क्षेत्र में स्थानीय लोगों और गरीब परिवारों की गाढ़ी कमाई हड़पने/लटकाने से जुड़े एक गंभीर मामले पर पांवटा थाने में दर्जनों गरीब महिलाएं और पुरुष इकट्ठा हुए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सहायक पंजीयक (सहकारी समितियां), नाहन को एक शिकायत दी गई है। जिसमें साईं कोऑपरेटिव सोसाइटी में खाताधारकों के करोड़ों रुपये फंसने का गंभीर मामले के बारे में बताया गया है व उच्चस्तरीय जांच की मांग
भूपपुर (पांवटा साहिब) स्थित ‘साईं कोऑपरेटिव सोसाइटी’ की कि गई है। आरोप सामने आ रहे हैं कि साईं सोसायटी द्वारा स्थानीय लोगों की मेहनत व बचत का पैसा न लौटाने और टालमटोल करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। क्षेत्र के सैकड़ों खाताधारकों की जमा पूंजी फंसने से फैले जन-रोष को देखते हुए पुलिस भी सक्रिय हो गई है। क्योंकि पुलिस स्टेशन के बाहर दर्जनों की तादाद में भीड़ इकट्ठा हुई थी समिति के मैनेजर और एक अन्य कर्मचारियों के साथ अच्छी नोक झोंक भी हुई।
निम्नलिखित 4 मुख्य सवाल व मांगें रखी हैं:
जमा पूंजी की स्थिति: साईं कोऑपरेटिव सोसाइटी के पास वर्तमान में कुल कितने खाताधारकों की एफडीआर (FDR), बचत और आरडी (RD) के रूप में कितनी कुल राशि जमा है?
निवेश का ब्यौरा: खाताधारकों से एकत्रित की गई इस बड़ी धनराशि को सोसाइटी ने कहां-कहां इन्वेस्ट (निवेश) किया है या किन लोगों को लोन के रूप में बांटा है?
संपत्ति व भूमि क्रय की जांच: क्या संस्था/सोसाइटी के संचालकों ने खाताधारकों के पैसे का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत नाम या सोसाइटी के नाम पर कोई जमीन, प्लॉट या अचल संपत्ति खरीदने में किया है?
विभाग द्वारा ऑडिट रिपोर्ट: सहकारिता विभाग द्वारा इस सोसाइटी का अंतिम ऑडिट कब किया गया था और क्या वह ऑडिट रिपोर्ट संतोषजनक पाई गई थी?
समिति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि लोगों को यह भरोसा दिलाया जा सके कि समिति के पास उनके पैसे अभी भी सुरक्षित है और जल्द ही लौटाए जाएंगे।
एसडीएम और थाना प्रभारी पांवटा साहिब को भी भेजी गई प्रतिलिपि…
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी प्रतिलिपि उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) पांवटा साहिब को भेजकर प्रशासनिक स्तर पर गहन छानबीन की मांग की है। इसके साथ ही थाना प्रभारी (SHO) पांवटा साहिब से भी अनुरोध किया गया है कि हाल ही में पुलिस द्वारा सोसाइटी के संचालकों से की गई पूछताछ एवं जांच की अद्यतन रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
विकास मंच के अध्यक्ष एस. चौहान ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पीड़ित खाताधारकों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा और यदि शीघ्र न्याय न मिला तो आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

