एसडीएम सुनील कायथ ने किया पीएम श्री स्कूल नौहराधार निरीक्षण…
Ashoka time’s…18 September 26
संगड़ाह के उपमंडलाधिकारी (नागरिक) एसडीएम सुनील कायथ ने आज पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (PM SHRI GSSS) नौहराधार का विशेष दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर का गहन निरीक्षण किया और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम श्री (PM SHRI) योजना के तहत स्कूल में चल रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
* आधुनिक बुनियादी ढांचा में तैयार स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लर्निंग टूल्स, और पुस्तकालय का जायजा लिया। और इनके अपग्रेडेशन की जरूरत व्यक्त की।
* शैक्षणिक स्तर का मूल्यांकन: दौरे के दौरान एसडीएम सुनील कैथ ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्रों से सीधा संवाद किया और उनसे सामान्य ज्ञान व पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप प्रयोगात्मक और कौशल-आधारित शिक्षा पर जोर देने के निर्देश दिए।
* पीएम श्री प्रोग्राम की प्रगति: स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य के साथ आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक में एसडीएम ने पीएम श्री बजट के उपयोग और भविष्य की कार्ययोजना (Action Plan) रिपोर्ट की जांच की। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य नोहराधार के बच्चों को अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करना है।
* मूलभूत सुविधाएं व स्वच्छता: उन्होंने परिसर में स्वच्छता, पीने के पानी की व्यवस्था और मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) की गुणवत्ता को भी परखा और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी।
“पीएम श्री योजना के तहत नौहराधार स्कूल को एक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को भी हर वह आधुनिक सुविधा मिले जो शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध है। स्कूल के बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
इस अवसर पर स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य, जितेन्द्र सिंह चौहान समस्त स्टाफ
स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की पुर्व अध्यक्ष श्रीमती पूनम ठाकुर और वर्तमान अध्यक्ष श्री भगत सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कक्षाओं में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को परखने के साथ-साथ पीएम श्री योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों और मिड-डे मील की व्यवस्था की समीक्षा की गई।

