Ashoka Times…15 November 2025
पांवटा साहिब एक और जहां क्राइम के मामले में अव्वल बनता जा रहा है तो वहीं दूसरी और यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह से चरमरा गई है। शनिवार सुबह बांगरन और देवी नगर सड़क पर बड़े-बड़े डंपर नो एंट्री में दौड़ रहे थे, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने चक्का जाम कर दिया।
पांवटा साहिब के बांगरण और देवी नगर में बड़े-बड़े डंपरों पर लगाम लगाना पुलिस के बूते से बाहर हो गया है हालांकि अब तक स्थानीय जनता ये नहीं समझ पा रही है कि आखिर उनकी जान की हिफाजत करने वाली कानून व्यवस्था इन बड़े-बड़े डंपरों के सामने बेबस क्यों खड़ी है । आखिर किनके इशारों पर उनकी जान की परवाह नहीं की जा रही है।
शनिवार सुबह सुबह दर्जनों की तादाद में बंगरण पुरूवाला रोड पर बड़े-बड़े डंपर दौड़ रहे थे। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बड़े-बड़े डंपरों को सड़क पर ही रोक दिया, बता दे कि ये डंपर डीसी सिरमौर द्वारा निर्धारित समय सारणी से बाहर जाकर नो एंट्री में चल रहे थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाए की बिना पुलिस की मिली भगत के इतने बड़े डंपर नो एंट्री में दाखिल नहीं हो सकते कहीं ना कहीं पुलिस और सफेद पोश इन महादानवो को खुला छोड़कर आम लोगों को कुचलना का मौका दे रहे हैं।
वहीं दूसरी और सुबह-सुबह देवी नगर रामपुर घाट सड़क पर भी यही हाल देखने को मिला जब दर्जनों की तादाद में बड़े-बड़े डंपर क्रशरों से ओवरलोडेड होकर 15 फीट की सड़क पर निकल आए, बता दे की सुबह के समय बच्चों के स्कूल जाने का टाइम था कई बसें रास्ते में फंसी नजर आई ऐसे में स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर कर डंपरों को सड़क पर ही जाम कर दिया। यह सभी डंपर भी नो एंट्री में दौड़ रहे थे।
वहीं पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर पहले से ही सवालिया निशान उठते चले आ रहे हैं। सरकार चाहे बीजेपी की हो और चाहे कांग्रेस की उक्त ममले में दोनों ही सरकारें लगाम नहीं लगा पाई है। पुलिस ने नो एंट्री में दौड़ रहे डंपरों का मामूली चालान काट कर अपनी खानापूर्ति कर दी है।
ग्रामीणों के आरोप है कि डंपरों को आम आदमी को कुचलने का मौका देने के लिए पांवटा साहिब और शिलाई के बड़े नेता जिम्मेदार हैं क्योंकि उनके अपने या तो क्रेशर हैं या फिर दूसरे क्रशरों में उन्होने पत्तियां डाली हुई है जिसके चलते पुलिस भी मूक दर्शक बनी रहती है।
आपको बता दे कि बीते दो सप्ताह में तीन से अधिक मौतें अवस्थित यातायात के कारण हुई है बीते कल एक इकलौते बेटे की मौत ट्रक के टक्कर मारने के कारण हो गई जिसके कारण लोगों में अब भी आक्रोश है । लगातार हादसों के बावजूद सिरमौर के राजनेता और पुलिस प्रशासन केवल चुप्पी साधे हुए है।

