Ashoka Times…9 November 2025
हिमाचल प्रदेश में पुलिस थाना हमीरपुर के तहत आने वाले सासन का क्षेत्र में एक नाबालिग युवक की दरिंदगी का शिकार हुई 40 वर्षीय महिला के शव को नेशनल हाईवे पर रखकर ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया।
महिला के साथ हुई इस दरिंदगी से ग्रामीण भड़क उठे और दोषी के परिवार को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए. ऐसा न होने पर आरोपी के घर के सामने महिाल का अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दे डाली.
धर्मशाला-शिमला नेशनल हाईवे पर खनियारा में सैकड़ो ग्रामीण एकत्रित हुए हैं और शव को सड़क पर रखकर न्याय की गुहार लगाई. ग्रामीणों के इस आक्रोश से नेशनल हाईवे पूरी तरह से जाम हो गया. इसके उपरांत पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है. हालांकि ग्रामीण पुलिस के आश्वासन को भी अनसुना कर आरोपी और उसके परिवार को मौके पर लाने की जिद पर अड़ गए.
प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
इसके साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद भी कोई प्रशासन का अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं आया. लोगों ने सीएम सुक्खू और उनकी पत्नी को भी खरी खोटी सुना डाली. लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि पीजीआई में तीन दिन तक महिला ट्रॉमा सेंटर के बाहर पड़ी रही. सिफारिश लगवाने के बाद तीन दिन बाद महिला के जख्मों की ड्रेसिंग की गई.
आरोपी की उम्र से छेड़छाड़ करने का आरोप
वहीं, लोगों ने आरोपी की उम्र से छेड़छाड़ कर उसे बचाने के भी आरोप लगाए. स्थानीय निवासी राकेश ने बताया कि ‘क्षेत्र में एक महिला की बेरहमी से हत्या होने का मामला सामने आया है. इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, जिस व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया गया है, उसे मात्र 14 वर्ष का नाबालिग बताया जा रहा है. आरोपी के पास उपलब्ध आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि साल 2000 लिखी हुई है. आरोपी को जानबूझकर बचाया जा रहा है.’
पुलिस पर गुमराह करने के आरोप
वहीं, महिला के देवर ने आरोप लगाया कि उनकी भाभी से रेप का प्रयास किया गया और उसकी हत्या कर दी गई परिवार का सवाल है कि आरोपी की उम्र 14 वर्ष कैसे बताई जा रही है. पुलिस इन तथ्यों को सार्वजनिक करे और बताए कि अब तक जांच में क्या सामने आया है. पुलिस सही जानकारी साझा नहीं कर रही और परिवार को गुमराह कर रही
वहीं एएसपी राजेश शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों एक महिला पर दराटी से हमला किए जाने की घटना सामने आई थी. इस घटना में आरोपी एक नाबालिग लड़का बताया जा रहा है. घायल महिला को गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान पांच दिन बाद उसकी मृत्यु हो गई. घटना से आक्रोशित गांव के लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया. प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है.

