रेणुका जी में दर्दनाक सड़क हादसा, ओवरलोड पिकअप पलटी, एक मजदूर की मौत, 4 घायल
ashoka times….12 September 26
सिरमौर के रेणुका जी थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। टाइलों से ओवरलोड एक पिकअप अनियंत्रित होकर खड्ड में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में जामू-कोटी निवासी मजदूर सनिया राम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य लोग घायल हो गए हैं।
सवाल यह है कि तीन चक्कर का काम एक ही चक्कर में निपटाने की इस लापरवाही का खामियाजा एक गरीब परिवार को क्यों भुगतना पड़ा?
पुलिस थाना रेणुका जी में दर्ज मामले के अनुसार, दिनांक 10 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे यह हादसा हुआ।
मनीष निवासी गांव कठवार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कपिल की टाइलों की दुकान, जो थाने के नजदीक है, से पिकअप नंबर HP71-4757 में टाइलें लोड कर खदाल में उतारनी थीं। इसके लिए तीन मजदूरों – मुकेश, सनिया राम और सुखदेव को बुलाया गया था।
टाइलें लोड करने के बाद तीनों मजदूर अनलोड करने के लिए पिकअप की बॉडी में ही बैठ गए, जबकि मनीष स्वयं चालक मनोज कुमार के साथ आगे की सीट पर बैठ गए।
जब पिकअप खदाल बाईरी नाला के पास पहुंची, तो चालक मनोज कुमार तेज रफ्तार के कारण गाड़ी को कंट्रोल नहीं कर पाया और पिकअप सड़क से बाईं ओर उतरकर पलट गई।
इस हादसे में सनिया राम निवासी जामू-कोटि की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मुकेश, सुखदेव, मनोज कुमार और मनीष घायल हो गए। पुलिस ने चालक मनोज कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लेकिन यह सिर्फ एक एक्सीडेंट की खबर नहीं है। यह एक परिवार के उजड़ने की कहानी है।
वार्ड मेंबर एक्स रमेश कुमार ने बताया कि मृतक सनिया राम अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उसके चार छोटे बच्चे हैं – तीन बेटे और एक बेटी, जो कॉलेज में पढ़ती है। उसकी पत्नी, जो मानसिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं बताई जाती हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है – पिता की मौत के बाद इन चार मासूम बच्चों की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या गरीब मजदूर मर जाता है तो उसके बच्चों के भविष्य के बारे में प्रशासन सोचेगा या गाड़ी का मालिक?
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में ओवरलोडिंग आम बात है। जहां टाइलें ले जाई जा रही थीं, वहां तीन चक्कर का काम एक ही चक्कर में ओवरलोड करके किया जा रहा था। लोगों का आरोप है कि इस हादसे की सबसे बड़ी वजह भी ओवरलोडिंग ही है।
सरकार द्वारा ऐसे मामलों में दी जाने वाली मात्र चार लाख रुपये की धनराशि क्या चार बच्चों का भविष्य संवार पाएगी? यह रेणुका जी क्षेत्र के लिए बेहद दुखद खबर है और प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है।

