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Saturday, October 24, 2026

51 लाख रुपये की लागत से भनोग स्कूल के नव निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला भवन….

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भनोग के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मेधावी छात्र किए सम्मानित ।

Ashoka time’s…29 अक्तूबर 25

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आज सिरमौर जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भनोग के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे तथा उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थीयों को पुरस्कार भी वितरित किए ।

इस दौरान शिक्षा मंत्री ने 51 लाख रुपये की लागत से नव निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला भवन का लोकार्पण किया।

शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के स्तर को और अधिक सुदृढ करने तथा विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपए तक की शिक्षा ऋण सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है तथा लाभार्थी विद्यार्थी के परिवार की आय सीमा को भी 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के सुधारवादी निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं से 87 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। बाल पोषण आहार योजना के तहत 15,181 स्कूलों के 5.34 लाख से अधिक छात्रों को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जा रहा है तथा स्कूलो में स्मार्ट ड्रेस प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त कृषि, बागवानी तथा पर्यटन जैसे स्वरोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम को वैकल्पिक विषय के रूप में आरंभ किया गया है ताकि स्वरोजगार अपनाकर युवा अपनी आर्थिकी सुदृढ कर सके।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और पूरी तरह से साक्षर राज्य बनने का लक्ष्य हासिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश वर्ष 2021 में 21वें स्थान पर था और अब आगे बढ़कर शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है।

छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के लिए सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है, और अगले शैक्षणिक सत्र से 100 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से संचालित किया जाएगा।
उन्होंने जिलावासियों को बधाई देते हुए कहा कि सिरमौर के पांवटासाहिब में पहला केंद्रीय स्कूल स्वीकृत हुआ है, जिससे विद्यार्थियों को और अधिक गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एसएमसी शिक्षकों व आईटी कंप्यूटर शिक्षकों तथा मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं और अंशकालिक जलवाहकों के मानदेय में 500 रुपये प्रति माह की वृद्धि की है।

उन्होंने कहा कि पिछले अढाई वर्षों में 7 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। छात्रों को निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को केवल शैक्षणिक सत्र के अंत में सेवानिवृत्त करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि टीजीटी पदों को सिरमौर जिला में प्राथमिकता आधार पर भरा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित स्कूलों की मुरम्मत और पुनर्निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सीखने के परिणामों और सामुदायिक जुड़ाव को मजबूत करने के लिए बैग-फ्री डे, स्थानीय बोली को बढ़ावा देना, स्कूल एडाॅपशन कार्यक्रम और छात्रों और शिक्षकों के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट जैसी पहल की गई है।

रोहित ठाकुर ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का युग है। किसी भी विद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में जहां मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है, वहीं अन्य विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
विद्यार्थियों को इस दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों में अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने शिक्षकों तथा अभिभावकों से आह्वान किया कि वह बच्चों में अच्छे संस्कार तथा नशा मुक्त जीवन के महत्व बारे शिक्षित करें ताकि बड़े होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका अदा कर सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह लग्न व मेहनत के साथ अपने भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करें।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया । शिक्षा मंत्री ने अपनी एच्छिक निधि से 20 हजार रुपए की राशि भी प्रदान की।

इस दौरान जिला परिषद सदस्य आन्नद परमार, कांग्रेस नेत्री दयाल प्यारी तथा पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा क्षेत्र वासियो की ओर से मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया और क्षेत्र की समस्याओ व मांगो को मुख्य अतिथि के समक्ष रखा। इस दौरान क्षेत्र वासियो ने अपनी समस्याएं व मांगे भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी।

इस अवसर पर निदेशक उच्च शिक्षा हिमेन्द्र चन्द बाली ने स्वत: लिखित ” सतलुज घाटी का सांस्कृतिक वैभव ” नामक पुस्तक मुख्य अतिथि को भेंट की।
उन्होंने बताया कि यह पुस्तक सतलुज घाटी, जिला शिमला,सोलन, किन्नौर, कुल्लू, मंडी व बाहरी सिराज की संस्कृति व लोक परम्पराओं पर आधारित है।

विद्यालय की प्रधानाचार्या अर्चना शर्मा व अन्य स्टाफ ने शिक्षा मंत्री को शाल, टोपी तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, कांग्रेस नेत्री दयाल प्यारी, जिला परिषद सदस्य आन्नद परमार, उप मण्डलाधिकारी राजगढ राज कुमार, उप निदेशक उच्च शिक्षा हिमेंद्र चंद, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रणधीर पंवार, राहुल ठाकुर, अजय कंवर, मिंया सुन्दर सिह, प्रधान ग्राम पंचायत डिंबर नीलम, प्रधानाचार्या अर्चना शर्मा, एसएमसी अध्यक्ष अर्जुन ठाकुर उपस्थित रहे।

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