मृतक के नाम पर लिया फर्जी जीएसटी नंबर…
Ashoka Times…1 September 2026
अब तक के इतिहास में हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जीएसटी घोटाला सामने आया है। जिसमें एक मृतक व्यक्ति के नाम पर जीएसटी नंबर लेकर फर्जी तरीके से 231 करोड रुपए का घोटाला किया गया है।
जीएसटी नंबर जिसके नाम पर लिया गया है वह व्यक्ति किन्नौर का रहने वाला था और उसकी मृत्यु हो चुकी है । उसके झूठे और फर्जी दस्तावेजो के आधार पर कथित तौर पर पांवटा साहिब में यह जीएसटी नंबर लिया गया है। बता दे कि इस फर्जी जीएसटी घोटाले में वकील और कई दलाल भी
राज्य कर एवं आबकारी विभाग (जीएसटी प्रवर्तन विंग, के निशाने पर आ गए हैं।
घोटाले का तरीका… आरोपी को लिया हिरासत में…!
सबसे पहले मृतक के नाम का दुरुपयोग किया गया। आरोपी (किन्नौर के निचार निवासी अविनाश कुमार) ने एक मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी रेंट डीड और बिजली बिल का इस्तेमाल करके जीएसटी रजिस्ट्रेशन हासिल कर लिया। फिलहाल पूछताछ के लिए आरोपी विरासत में लिया गया है हालांकि अभी हिरासत की पुष्टि नहीं हुई है ।
₹231 करोड़ के फर्जी बिल:
इस फर्जी फर्म के जरिए जनवरी से जून 2026 के बीच करीब ₹231 करोड़ के फर्जी इनवॉइस (बिल) जारी किए गए।
जिसमें ₹41.61 करोड़ का IGST फ्रॉड सामने आया है। इस फर्जीवाड़े के जरिए ₹41.61 करोड़ की आईजीएसटी (IGST) धोखाधड़ी की गई। फर्म ने दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में करीब ₹32 करोड़ की खरीदारी दिखाई, जबकि नकद टैक्स के रूप में सिर्फ ₹247 का भुगतान किया गया था
फर्जी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल
बड़े स्तर पर कारोबारी गतिविधियां दिखाने और अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करने के लिए फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए इस बिलिंग को रूट किया गया।
विभाग द्वारा की गई कार्रवाई
जीएसटी नंबर निलंबित कर दिया है।
मामला सामने आते ही जीएसटी प्रवर्तन विंग ने संबंधित जीएसटी नंबर को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। कैश लेजर में उपलब्ध करीब ₹10.60 लाख का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ब्लॉक कर दिया गया है।
3. बैंक खाता फ्रीज: आरोपी का किन्नौर स्थित बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है और बैंक प्रबंधन से खाता खोलने के लिए इस्तेमाल किए गए केवाईसी (KYC) दस्तावेज मांगे गए हैं।
विशेष टीम द्वारा जांच…
पांवटा साहिब (सिरमौर) के तीन सहायक आयुक्तों (Assistant Commissioners) की एक विशेष टीम इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि इस अंतर-राज्यीय नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके. हालांकि कोई भी इस मामले की पुष्टि नहीं कर रहा है लेकिन यह मामला पता सहित से जुड़ा बताया जा रहा है।
वही इस बारे में आधिकारिक तौर पर जांच अधिकारी जीडी ठाकुर में बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

