अब तक आधा दर्जन से ज्यादा विशेषज्ञ कह चुके अलविदा…
Ashoka Times…16 March 2026
पांवटा सिविल अस्पताल में पिछले 9 वर्षों से अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं थे, बड़ी मुश्किलों के बाद अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ डॉक्टर पहुंचे हैं लेकिन उनकी नाइट ड्यूटी लगाकर न केवल उन्हें परेशान किया जा रहा है बल्कि आम लोगों को भी अल्ट्रासाउंड से महरूम रखा जा रहा है।
दरअसल हिमाचल प्रदेश के सबसे बदनाम अस्पताल पांवटा में विशेषज्ञ डॉक्टरों को परेशान करने के लिए नाइट ड्यूटी पर तैनात किया जा रहा है। जिसके कारण अगले दिन विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंच पाते और पेशेंट को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साधारण भाषा में बात करें तो रविवार को अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ डॉक्टर नितिन की नाइट ड्यूटी लगाई गई थी जिसके कारण सोमवार को लगभग ना के बराबर अल्ट्रासाउंड हो पाए जिसके कारण 100 से 150 महिलाओं को प्राइवेट क्लिनिको पर जाकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ा होगा। अगर अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ डॉक्टर नितिन की नाइट ड्यूटी न लगाई गई होती तो वह हर रोज न केवल दिन में बल्कि आपातकालीन स्थिति में रात को भी अस्पताल अपनी सेवाएं दे सकते थे। लेकिन इससे प्राइवेट अल्ट्रासाउंड क्लिनिको को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसलिए अस्पताल के नितिन जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की नाइट लगाकर उन्हें परेशान करवाया जाता है ताकि वह जल्द से जल्द सिविल अस्पताल छोड़कर कहीं और चले जाए।
एक दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर छोड़ चुके पांवटा अस्पताल…
आपको बता दें कि अब तक एक दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पांवटा सिविल अस्पताल में नाइट ड्यूटी के परेशानी के चलते अपना तबादला यहां से करवा लिए था। जिसमें दो एमडी डॉक्टर, दो सर्जन, एक ऑर्थोपेडिक, दो ईएनटी, दो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और तीन अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ शामिल है।
क्या होते हैं नीयम….
आपको बता दें कि किसी भी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी 24 घंटे की रहती है ऐसे में उन्हें नाइट ड्यूटी से छूट दी जाती है ताकि दिन में वे ओपीडी संभाल पाए और अगर रात को कोई इमरजेंसी आ जाती है तो वह अस्पताल में आकर मरीज का इलाज कर पाए। लेकिन होता यह है की सप्ताह में 2 से 3 नाइट ड्यूटीज उनकी लगा दी जाती है जिसके कारण दिन में वह ओपीडी नहीं कर पाते और उनके पेशेंट काफी समस्याओं का सामना करते हैं। ऐसे में होना यह चाहिए कि सिविल अस्पताल में जितने भी विशेषज्ञ डॉक्टर हैं उन्हें नाइट ड्यूटी में छूट दी जानी चाहिए ताकि वह किसी भी समय आपातकालीन की स्थिति में पेशेंट का इलाज कर पाएं।
कमीशन खोरी का मामला…
दरअसल अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ अगर पांवटा सिविल अस्पताल में टिके रहते हैं तो हर दिन प्राइवेट अल्ट्रासाउंड क्लिनिको को 50 से ₹60000 का नुकसान होता है। ऐसे में वह सिविल अस्पताल के कई डॉक्टरों को मोटी कमीशन देते हैं जिसके चलते अल्ट्रासाउंड और दूसरे विशेषज्ञ डॉक्टर को नाइट ड्यूटी लगाकर परेशान किया जाता है।
वही इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही मेडिकल ऑफिसर जिला सिरमौर से बात की जाएगी और जो भी उनका पक्ष होगा वह भी रखा जाएगा।







