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Tirupati life science, बड़ी लापरवाही आई सामने… पढ़ें क्या…

Tirupati life science, बड़ी लापरवाही आई सामने… पढ़ें क्या…

अनियमितताओं के बावजूद कैसे मिल गई pollution, fire से NOC…

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Ashoka Times…16 फरवरी 2026

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पांवटा साहिब स्थित Tirupati life science में कर्मचारियों की जान से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा था। कथित Methyl chloride जैसी गैस के टैंक को एक टीन शेड में रखा गया है जबकि इस टैंक को जमीन के भीतर कंक्रीट की दीवारें बना कर रखा जाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

आपको बता दें कि Tirupati life science ग्रुप वह कंपनी है जिसे “best place to work” जैसे अवार्ड भी मिले हैं, लेकिन पर्दे के पीछे की हकीकत कुछ और बयां कर रही है। कंपनी में पहले भी गैस रिसाव हुए हैं और जान भी गई है। लेकिन कंपनी ने अपने प्रॉफिट के कारण कभी भी अनियमितताओं को दूर नहीं किया।

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क्या है नियम….

मिथाइल क्लोराइड के टैंक को या तो जमीन के भीतर कंक्रीट की दीवारों के बीच सुरक्षित रखा जाना चाहिए या मोटी दीवारों वाला कमरा बना कर रखा जाना चाहिए , जहां पर टेंपरेचर को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन तिरुपति लाइफ साइंस मालिकों गोयल परिवार द्वारा अधिक प्रॉफिट कमाई के चक्कर में मिथाइल क्लोराइड के टैंक को एक टीन शेड में रखा है । इसके अलावा Tirupati life science की दीवार के साथ ही गोयल परिवार का एक पेट्रोल पंप भी है जहां पर लाखो लीटर डीजल और पट्रोल भरा रहता है। पेट्रोल पंप और कंपनी में अगर कोई बड़ी लीकेज हो जाती है तो आसपास रहने वाले सैकड़ो लोगों के लिए कहर ढा सकती है,

दूसरी बड़ी लापरवाही…

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस वक्त तिरुपति लाइफ साइंस में गैस रिसाव हुआ उस वक्त लोगों की जान बचाने के लिए वहां की खिड़कियों तक को तोड़ना पड़ा, इसका मतलब है कि एयर वैंटिलेशन के लिए कोई रास्ता नहीं था जबकि कंपनियों में सभी जगह पर एयर वेंटीलेशन के लिए खिड़कियां होनी चाहिए थी लेकिन यहां पर खिड़कियों को सील करके रखा गया था। इतना ही नहीं ह्यूमन एग्जिट के लिए कई रास्ते बने होने चाहिए थे, ताकि गैस रिसाव या आग जनी के दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल कर पाए। लेकिन तिरुपति कंपनी में केवल दो रास्ते हैं जिनमें से एक को कंपनी बंद करके रखती है और एक से ही आवाजाही रहती है । अगर सूत्रों की माने तो यहां पर एग्जिट के लिए केवल एक ही रास्ता था जिसके कारण सिक्योरिटी गार्ड्स द्वारा वहां पहले-मिथाइल क्लोराइड को बाहर निकालने के लिए कई खिड़कियों को तोड़ना पड़ा ताकि गैस बाहर निकाल पाए।

अग्निशमन विभाग और पोल्यूशन एन ओ सी पर सवाल खड़े ?

सूत्रों की माने तो अग्निशमन विभाग से किसी भी एनओसी के लिए विभाग के अधिकारी मौके का मुआयना करते हैं, क्या ज्वलनशील मिथाइल क्लोराइड का टैंक जो कि जमीन के ऊपर और टीन शेड में रखा गया उसकी जांच की गई अगर की गई थी तो आखिर कैसे जमीन पर साधारण तरीके से रखे गए इतनी खतरनाक ज्वलनशील पदार्थ के टैंक के लिए एनओसी दे दी गई। इसके अलावा वेंटिलेशन के लिए उस एरिया में खिड़कियों को सील करके रखा गया था, जिसके कारण सिक्योरिटी गार्डों को खिड़कियों को तोड़ना पड़ा, वहीं केवल एक एग्जिट खुला छोड़ा गया था। इतनी सब खामियों के बावजूद फिलहाल एन ओ सी तुरंत कैंसिल किया जाना चाहिए तिरुपति लाइफ साइंस द्वारा कर्मचारियों की जान को जानबूझकर जोखिम में डालकर कई गंभीर नियमों को उल्लंघन किया गया था।

वही मौके पर गए फायर अधिकारी ने बताया की मिथाइल क्लोराइड गैस लीक हुई थी। कारण का पता किया जा रहा है। उन्होंने यह भी माना कि मिथाइल क्लोराइड को जमीन के भीतर कंक्रीट का टैंक बनाकर रखा जाना ज्यादा सुरक्षित रहता है। लेकिन कंपनी प्रबंधन ने एक टीन शेड के भीतर इसे रखा है।

पॉल्यूशन विभाग…

पॉल्यूशन विभाग 2024-25 के दौरान कथित एक्शिएन अतुल परमार के द्वारा एनओसी दी गई है। लेकिन सवाल यह उठते हैं कि मिथाइल क्लोराइड का टैंक जो कि खुले में केवल टीन शेड के भीतर रखा गया था वह कितना सुरक्षित है, बाकि नियमों का पालन क्यों नहीं करवाया गया अगर मिथाइल क्लोराइड का टैंक जमीन के भीतर कंक्रीट की दीवारों के बीच ज्यादा सुरक्षित रहता है तो इस नियम को नजरअंदाज क्यों किया गया। सिर्फ इतना ही नहीं मिथाइल क्लोराइड मिट्टी और पानी में तेजी के साथ मिल कर खतरनाक बन जाता है और उनको प्रदूषित करता है यहां तक की यह पानी को जानलेवा बना देती हैं है ऐसी स्थिति में खुले में रख कर ज्वलनशील टैंक का इस्तेमाल करना बेहद जोखिम भरा था।

स्थानीय लोगों की जान आफत में…

फिलहाल Tirupati Life science के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार गैस लीकेज हुई है और एक युवा की मौत भी हुई थी। लेकिन कंपनी प्रॉफिट बढ़ाने के लिए नियमों का उल्लंघन कर रही है ऐसे में तुरंत सभी NOC. कैंसिल की जानी चाहिए और जब तक कंपनी सभी नियमों का पालन नहीं करती सी़ज की जानी चाहिए।

वही इस बारे में सुपरीटेंडेंट आफ पुलिस निश्चित सिंह नेगी का कहना है नियमों के अनुसार मामला दर्ज कर लिया गया है आगे भी जो जांच के दौरान अन्य खामियां पाई जाएंगी उनके अनुसार अन्य धाराएं भी लगाई जाएंगी।

क्या बोले नए पॉल्यूशन अधिकारी…

वही इस बारे में जानकारी देते हुए पॉल्यूशन अधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि वह इस मामले की जांच करेंगे और जो भी अनियमितताएं पाई गई है उन पर जो कार्रवाई बनती है वह भी की जाएगी।

 

 

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