Home / News / सिरमौर में पहली बार वन अधिकार कानून के तहत मिलेंगे भूमि पट्टे…

सिरमौर में पहली बार वन अधिकार कानून के तहत मिलेंगे भूमि पट्टे…

सिरमौर में पहली बार वन अधिकार कानून के तहत मिलेंगे भूमि पट्टे…

Ashoka time’s…26 Feburary 26

animal image

जिला मुख्यालय नाहन में आज वन अधिकार कानून, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनजातीय मंत्री श्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिला आयुक्त ने जानकारी दी कि शिलाई तहसील के 29 व्यक्तिगत वन अधिकार दावों को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय जिला सिरमौर में पहली बार वन अधिकार कानून के तहत भूमि पट्टे प्रदान किए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
हाल ही में संपन्न जिला स्तरीय समिति की बैठक के निर्णयों की जानकारी साझा करते हुए जिला आयुक्त प्रियंका वर्मा ने बताया कि जिले में प्राप्त कुल 118 दावों में से अन्य परंपरागत वन निवासियों (OTFD) के 29 व्यक्तिगत दावों को स्वीकृति दी गई है। गौरतलब है कि पूरे हिमाचल प्रदेश में पहली बार वन अधिकार कानून के तहत अन्य परंपरागत वन निवासियों के खेती की भूमि संबंधी दावे जिला सिरमौर में स्वीकृत हुए हैं। इससे पूर्व डल्होज़ी (जिला चंबा) तथा देहरा (जिला कांगड़ा) में केवल आवासीय मकानों से संबंधित दावों को ही स्वीकृति प्रदान की गई थी।
31 जनवरी 2025 को आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में कुल 118 दावों पर विचार-विमर्श किया गया था। इनमें शिलाई तहसील से 30 दावे (29 व्यक्तिगत एवं 1 सामुदायिक दावा) कुल 5609-00-00 बीघा भूमि के, पांवटा तहसील से 61 व्यक्तिगत दावे 186.02-00 बीघा भूमि के तथा संगड़ाह तहसील से 27 व्यक्तिगत दावे 175.01-01 बीघा भूमि के शामिल थे।
जिला आयुक्त ने बताया कि स्वीकृत 29 व्यक्तिगत दावे कुल 141.01 बीघा भूमि से संबंधित हैं, जो नैना, नया पंजोर, डाहर, जासवी एवं लानी बोराड़ वन अधिकार समितियों के अन्य परंपरागत वन निवासियों द्वारा प्रस्तुत किए गए थे। उल्लेखनीय है कि इन 29 स्वीकृत दावों में से 6 दावेदार भूमिहीन व अन्य दावेदार सीमांत किसान हैं तथा लगभग 90 प्रतिशत दावेदार अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हैं।
डाहर गांव के रती राम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी, जिला एवं उपमंडल स्तरीय समितियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा वन अधिकार कानून के प्रचार-प्रसार में स्वैच्छिक रूप से कार्यरत सिरमौर वन अधिकार मंच, सोसायटी फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड एक्शन (SRDA) एवं हिमधरा पर्यावरण समूह के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
नैना गांव के तुलसीराम ने कहा, “हम लोग पिछले 10 वर्षों से वन अधिकार कानून के तहत अपने अधिकारों के लिए प्रयासरत थे। आज लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद हमें सफलता मिली है। ”

AQUA

सिरमौर वन अधिकार मंच के अध्यक्ष धनीराम शर्मा ने कहा, “जिला सिरमौर के वन आश्रित अन्य परंपरागत वन निवासियों एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि लंबे संघर्ष के बाद पहली बार वन अधिकार कानून के तहत दावे स्वीकृत हुए हैं। इससे जिले के अन्य वन निवासी भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आगे आएंगे। साथ ही जिला में इस कानून के क्रियान्वयन में तेजी आएगी”

इस अवसर पर जिला आयुक्त ने जानकारी दी कि 8 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सिरमौर दौरे के दौरान सभी 29 पात्र दावेदारों को भूमि पट्टे वितरित किए जाएंगे।

AQUA

समीक्षा बैठक में जिला सिरमौर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी—एसडीएम, डीएफओ, रेंज अधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी एवं वन रक्षक—सहित जिला वन अधिकार समिति के सदस्य और दावेदार उपस्थित रहे।

_अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें_
सिरमौर वन अधिकार मंच, धनीराम शर्मा 8894518748 । गुलाब सिंह 8219004969

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Icons