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संगड़ाह महाविद्यालय में आईक्यूएसी एवं एनएसएस इकाई द्वारा विद्यार्थियों के लिए ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र का आयोजन…

संगड़ाह महाविद्यालय में आईक्यूएसी एवं एनएसएस इकाई द्वारा विद्यार्थियों के लिए ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र का आयोजन…

Ashoka time’s….24 Feburary 26

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राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के सर्वांगीण बौद्धिक विकास हेतु एक विशेष ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र का सफल आयोजन किया गया।

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डॉ मीनू भास्कर जीवन प्राचार्या और प्रोफेसर संदीप कुमार कनिष्क के नेतृत्व में इसका आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति, एकाग्रता, तार्किक क्षमता तथा मानसिक दक्षता को बढ़ावा देना था, ताकि वे अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में हरियाणा से पधारे प्रसिद्ध ब्रेन साइंटिस्ट एवं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. जितेंद्र उपस्थित रहे। उनके साथ आईजीएमसी शिमला के भौतिकी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग से जुड़े प्रतिष्ठित विद्वान डॉ. बृजेश सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मीनू भास्कर जीवन ने की, जिन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए इस प्रकार के बौद्धिक कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

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अपने प्रेरणादायक व्याख्यान में डॉ. जितेंद्र ने विद्यार्थियों को मस्तिष्क की कार्यप्रणाली, स्मरण शक्ति बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों तथा मानसिक क्षमता के प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न मेमोरी बूस्टर एक्सरसाइज का प्रदर्शन करते हुए बताया कि नियमित अभ्यास और सही तकनीकों के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी याददाश्त को कई गुना तक बढ़ा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और लक्ष्य निर्धारण के महत्व को भी समझाया तथा जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए।

डॉ. बृजेश सिंह ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को गणितीय समस्याओं को हल करने के आसान एवं प्रभावी तरीकों, तार्किक सोच विकसित करने की तकनीकों तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कई गणितीय ट्रिक्स एवं मानसिक गणना के सरल उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जिससे विद्यार्थियों को कठिन प्रश्नों को कम समय में हल करने की विधियों को समझने में सहायता मिली। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्मरण शक्ति को तीव्र करने के लिए विभिन्न वैज्ञानिक तकनीकों का भी प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कई प्रायोगिक गतिविधियों में भी शामिल किया गया, जिसमें उन्हें मेमोरी गेम्स, ध्यान केंद्रित करने के अभ्यास तथा मानसिक गणना से संबंधित अभ्यास करवाए गए। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में विशेष उत्साह उत्पन्न किया और उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लेकर नई तकनीकों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मीनू भास्कर जीवन ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र विद्यार्थियों के मानसिक विकास, आत्मविश्वास में वृद्धि तथा शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आईक्यूएसी एवं एनएसएस इकाई की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह सत्र उनके लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक रहा। उन्होंने स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक एकाग्रता में सुधार तथा गणितीय समस्याओं को हल करने के नए तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, आईक्यूएसी समन्वयक, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं मानसिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।

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