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शिलाई में हर्ष के मंत्री पद शपथ लेते ही ये रहेंगी बड़ी चुनौतियां…

शिलाई में हर्ष के मंत्री पद शपथ लेते ही ये रहेंगी बड़ी चुनौतियां…

सिरमौर के शिलाई में शिक्षा और स्वास्थ्य की हालत पढ़िए क्यों है खराब…

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शिलाई के साथ-साथ जिला सिरमौर की एक बार फिर किस्मत के सितारे बुलंदी पर हैं शिलाई से विधायक हर्षवर्धन चौहान ने मंत्री पद की शपथ ली है कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें हेल्थ और एजुकेशन जैसे बड़े विभाग भी मिल सकते हैं।

60 वर्षों बाद हिमाचल प्रदेश में दूसरी बार जिला सिरमौर के सबसे पिछड़े माने जाने वाले शिलाई और श्री रेणुका जी के लिए विशेष तौर पर यह एक बड़ी उपलब्धि है जब मंत्री पद के लिए हर्षवर्धन चौहान शपथ ले चुके हैं हर्षवर्धन चौहान काफी सख्त लहजे के नेता माने जाते हैं घर-घर में उनकी पकड़ है यही कारण है कि पिछली सरकार में मुख्यमंत्री के बेहद नजदीकी रहे बलदेव तोमर को उन्होंने साढ़े तीन सौ से अधिक वोटों से हरा दिया।

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जिला सिरमौर : हर्षवर्धन ने कॉलेज टाइम में NSUI से अपनी राजनीति शुरू की। वह शिलाई विधानसभा से 1993 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद 1998, 2003, 2007 में भी विजयी होकर विधानसभा पहुंचे। इस बीच 2012 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में 2017 के चुनाव फिर जीते और अब 2022 में जीतकर मंत्री बने।

ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि शिलाई से हर्षवर्धन चौहान जोकि छठी बार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं उन्हें स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बड़े विभाग भी मिल सकते हैं।

बता दें कि शिलाई क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहद बुरी हालत है स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में अधिकतर पद खाली पड़े हैं उसका एक बड़ा कारण है कि शिलाई जैसे दुर्गम क्षेत्र में कोई भी नौकरी नहीं करना चाहता राजनीतिक संरक्षण के चलते अधिकतर लोग डेपुटेशन पर पांवटा साहिब मैं नौकरी कर रहे हैं ऐसे में हर्षवर्धन चौहान के लिए बड़ी चुनौती यह रहेगी कि शिलाई क्षेत्र में खाली पड़े पदों को किस तरह से भर पाएंगे ।

इसके अलावा शिलाई क्षेत्र से अधिकतर सरकारी कर्मचारी पलायन कर पांवटा-नाहन और दूसरी अपने पसंदीदा जगहों पर अपने परिवारों के साथ शिफ्ट हो चुके हैं ऐसे में उन्हें वापस शिलाई में स्थापित करना हर्षवर्धन चौहान के लिए बेहद बड़ी चुनौती रहने वाली है।

 

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