Ashoka time’s…10 April 26
रेणुका जी गिरी नदी के समीप प्रस्तावित रेणुका जी बांध परियोजना में डायवर्शन टनल के भूमि पूजन से पहले ही श्री रेणुका बांध जन संघर्ष समिति ने विरोध का बिगुल बजा दिया। समिति के आह्वान पर विभिन्न क्षेत्रों से आए विस्थापितों ने एकत्र होकर बांध प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और अपनी मांगों को लेकर रोष व्यक्त किया।
संघर्ष समिति अध्यक्ष योगेन्द्र कपिला और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों को नज़रअंदाज़ करते हुए बांध प्रबंधन कार्य शुरू करने जा रहा है, जिससे प्रभावित परिवारों में भारी असंतोष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विस्थापितों के पुनर्वास, मुआवज़ा और अन्य अधिकारों को सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक इस तरह के कार्यों का विरोध जारी रहेगा। बताते चलें कि जहां पर डायवर्शन टनल बननी है वहां पर रह रहे परिवारों में से पहले 9 लोगों को चिन्हित किया गया जिसमें से 3 परिवारो को पहले बाहर का रास्ता दिखाया गया उसके बाद फिर 4 परिवारों की बारी आई बाद में अब इस सूची में 2 ही परिवार बचे हैं उसका भी पता नहीं कि कब उन्हें बाहर किया जाए।बाकी के 7 परिवार इस तुगलकी फरमान के बाद सड़क पर आ गए हैं उन्हें चिंता सता रही है कि वह कहां जाएं।
इस विरोध प्रदर्शन में खेरी ज़ोन, सियूं ज़ोन, मोहतू ज़ोन और रजाणा ज़ोन सहित कई क्षेत्रों से दर्जनों विस्थापित शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाज़ी करते हुए अपने दर्द और आक्रोश को खुलकर व्यक्त किया।
उधर, बांध प्रबंधन द्वारा भूमि पूजन का कार्यक्रम गिरी नदी पुल के समीप आयोजित किया गया। इस अवसर पर विनय कुमार (विधायक, रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष) ने विधिवत रूप से भूमि पूजन किया।
प्रदर्शन के उपरांत संघर्ष समिति के लोग विधायक विनय कुमार से मिले जिसमें उन्होंने विस्थापितों की समस्याओं के समाधान को लेकर विस्थापितों को आश्वस्त करवाते हुए कहा कि वह भी विस्थापित से तथा संघर्ष समिति के साथ है उन्होंने रखी गई मांगों पर कहा कि उन्होंने बांध प्रबंधन के उच्चाधिकारियों से बात की है जिसमें प्रबंधन द्वारा मांगे जा रहे हलफनामे में कुछ संशोधन किया गया है रोजगार पर कहा कि इसमें सर्वप्रथम पूर्ण विस्थापितों को वरियता मिलनी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन में संघर्ष समिति अध्यक्ष योगेंद्र कपिला, संयोजक प्रताप सिंह तोमर, महासचिव संजय चौहान सहित जयप्रकाश, प्रेमदत्त, धरमदत्त, प्रेमचंद और अन्य दर्जनों विस्थापितों ने भाग लिया। इसके अलावा मुख्य सलाहकार राजकुमार शर्मा, खैरी ज़ोन से नित्यानंद पथिक, राजेंद्र कुमार, मनोज कुमार, हरिचंद शर्मा, रमेश और राजेश सहित कई लोग मौजूद रहे।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।







