Ashoka time’s…10 September 25

उपमंडल की ग्राम पंचायत रजाना के तहत आने वाले गाँव कालय में दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस शिविर को डॉक्टर यशवंत सिंह परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टीकल्चर एंड फॉरेस्ट्री के नौणी (सोलन) के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित किया गया।

इस दो दिवसीय शिविर का उद्देश्य कृषि प्रसंस्करण को एक लाभदायक आर्थिक गतिविधि बनाना और कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मार्गदर्शन आर.पी.’s डॉक्टर अनिल कुमार वर्मा, डॉक्टर अनिल गुप्ता तथा राज कुमार दूद्वारा किया गया। स्थानीय महिला समूहों को उद्यमशीलता तथा तकनीकी कौशल द्वारा स्थानीय प्राकृतिक कृषि एवं बागवानी उत्पादों का प्रयोग करना सिखाया गया। इस दौरान, प्रतिभागियों को खाद्य संरक्षण, प्रसंस्करण तकनीकों, स्वच्छता, सुरक्षित पैकेजिंग, मानक और लेबलिंग के वैज्ञानिक तरीकों से परिचित करवाया गया। बुरांश (बुरास) स्क्वैश, कीवी जैम, अचार, चटनी आदि को व्यावहारिक प्रदर्शन द्वारा बताया गया। आर.पी.’s ने कच्चे उत्पादों का मूल्य जोड़ने के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उदाहरण के लिए फल, सब्जियां, दालें आदि। आप बढ़ाने, स्वरोजगार सृजित करने और अपने क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों को बनवा देने पर भी प्रकाश डाला गया। समापन सत्र उद्यमिता के अवसरों, उत्पाद लेबलिंग और बाजार लिंकेज पर केंद्रित था, जो प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करता है। अंत में प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) भी वितरित किए गए।








