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यमुना में 60 से अधिक मासूम गवा चुके अपनी जान…ब्राह्मण सभा ने भेजा मुख्यमंत्री को ज्ञापन…

यमुना में 60 से अधिक मासूम गवा चुके अपनी जान…ब्राह्मण सभा ने भेजा मुख्यमंत्री को ज्ञापन…

Ashoka Times…13 june 23 

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पांवटा साहिब यमुना नदी में डूबने से पिछले कई वर्षों में 60 से अधिक लोग अपनी जान गवा चुके हैं । इस बेहद संवेदनशील मुद्दे को लेकर एसडीएम पांवटा साहिब को ब्राह्मण सभा के लोगों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

ब्राह्मण सभा पांवटा साहिब की इकाई द्वारा सोमवार को एसडीएम गुंजीत चीमा के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया है जिसमें यमुना नदी में डूब रहे लोगों की सुरक्षा इंतजाम के लिए लिखा गया है।

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इसमें यमुना नदी में हो रही जानलेवा दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग रखी गई जिससे देश विदेश से धार्मिक नगरी पहुंचने के दौरान स्नान करते हुए हादसों से अनमोल मानवीय जीवन यमुना नदी में डूबने से आकस्मिक मृत्यु को प्राप्त दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए महायज्ञ करवाने की अनुमति मांगी गई है।

ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, अजय शर्मा ने इस ज्ञापन के माध्यम से सुझाव दिया है कि यमुना तट पर नहाने के लिए सुरक्षित क्षेत्र को चिह्नित करना आवश्यक है। पूर्ण सुरक्षा तंत्र के साथ महिला एवं मुरुष स्नान घाट का होना अनिवार्य है। आपदा प्रबंधन में तैनात गोताखोरों के पास अति आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में यमुना नदी में हो रहे।

अब तक 60…

बता दें कि यमुना नदी में अब तक 60 से अधिक लोग दर्दनाक हादसों का शिकार हो चुके हैं यहां डूबने से अधिकतर युवाओं को भुगतना पड़ा है 90 फीस दी यहां पर युवा डूबे हैं लगभग 7 साल पहले इसी नदी में चाचा और भतीजा इकट्ठे डूब कर वित्त निकाले गए थे इसके अलावा शिमला के इकलौते बेटे को भी परिवार ने खोया था दो सगे भाई भी इस नदी में समा चुके हैं अब तक तकरीबन 7 लोग पिछले 15 वर्षों में इस नदी में डूब कर मर चुके हैं।

मुख्यमंत्री कर चुके कई घोषणाएं…

बता दें कि वीरभद्र सहित जयराम ठाकुर और यहां तक कि प्रेम कुमार धूमल भाई सुरक्षित घाट बनाने के लिए लाखों रुपए की घोषणा कर चुके हैं लेकिन आज तक 1 रूपया भी मुख्यमंत्री को घोषणाओं का यहां नहीं लग पाया वही लोगों का मानना है कि घोषणाओं के बाद अगर धरातल पर काम नहीं हो पाया तो इसका श्रेय विधायकों को जाना चाहिए क्योंकि घोषणाओं के पैसे लाने की जिम्मेदारी विधायक को उठानी चाहिए थी जो आज तक नहीं उठाई गई है।

ब्राह्मण सभा के महासचिव हरीश शर्मा ने लोहे की चैन तथा अन्य सुरक्षात्मक उपाय और सुनिश्चित करने की राय दी। मदन शर्मा ने यमुना घाट पर मां को शांत भाव अपनाने तथा यमुना नदी में डूबने से आकस्मिक मृत्यु को प्राप्त दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए महायज्ञ करवाने की अनुमति मांगी। अजय शर्मा ने यमुना घाट पर उपयुक्त प्रकाश व्यवस्था का सुझाव प्रस्तुत किया, जिससे यमुना घाट पर सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिल सके। एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि की है।

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