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प्रो संदीप कनिष्क का काव्य संग्रह “बातें जरूरी हैं” प्रकाशित…

प्रो संदीप कनिष्क का काव्य संग्रह “बातें जरूरी हैं” प्रकाशित…

अब तक इतिहास पर 6 पुस्तकें प्रकाशित कर चुके हैं डिग्री कॉलेज संगड़ाह के सहायक प्रोफेसर….

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Ashoka time’s…13 September 25 

संगड़ाह। राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह के प्राध्यापक संदीप कुमार कनिष्क का काव्य संग्रह “बातें जरूरी हैं” शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। इसमें कुल 25 कविताएं संकलित की गई हैं, जिन्हें स्वयं प्रो कनिष्क ने लिखा है।

कविताएँ सामाजिक समस्याओं, मानवीय भावनाओं, प्रेम-विरह, महिला उत्पीड़न, देशप्रेम, राजनीतिक व सामाजिक व्यंग्य, हास्य आदि विषयों को अभिव्यक्त करती हैं। पीच वैली कहलाने वाले सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल के बेहड़ गांव के प्रो संदीप कनिष्क ने बताया कि, इससे पूर्व गत माह ही उनकी इतिहास पर आधारित 2 पुस्तकें प्रकाशित हुई थीं। इस माह स्वरचित कविताओं पर आधारित एक कृति का Publication होना उनके लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। अब तक इतिहास पर उनकी कुल 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जबकि हिंदी कविता पर यह उनकी प्रथम कृति है। इस काव्य संग्रह के प्रकाशन की प्रेरणा उन्हें राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह की प्राचार्या डॉ. मीनू भास्कर से प्राप्त हुई।

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