Ashoka Times…6 December 2025
सोना और कैश किसी भी इंसान को बेईमानी करने पर उतारू कर सकता है लेकिन आज भी ईमानदारी जिंदा है इसका उदाहरण बद्रीपुर चौक स्थित गुप्ता स्वीट्स शॉप पर देखने को मिला । बीते कल दोपहर लगभग 3 बजे एक महिला ग्राहक यहां भोजन करने आईं और जल्दबाज़ी में जाते समय अपना पर्स गलती से टेबल पर ही छोड़ गईं। दुकान के मालिक साहिल गुप्ता की नज़र पर्स पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत उसे सुरक्षित रख लिया। पर्स खोलकर जांच की गई तो उसमें कीमती सोने का एक पूरा सेट, नगदी रकम, और आधार कार्ड मौजूद था। सोने का सेट देखकर मामला और भी संवेदनशील हो गया, क्योंकि इतनी कीमती वस्तु खोना किसी भी परिवार के लिए बड़ी चिंता का विषय हो सकता है। आधार कार्ड से महिला की पहचान नीतिका कुमारी गुलेरिया, पत्नी विजय, निवासी— कामली , उपमंडल टीप्रा, सोलन (हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई। दुकानदार ने किसी भी प्रकार की देरी किए बिना आधार में मौजूद पते की मदद से महिला एवं परिजनों से संपर्क किया। जानकारी मिलते ही महिला दुकान पर वापस आईं और पूरा सामान सही-सलामत उन्हें लौटा दिया गया।
महिला ग्राहक इस ईमानदारी से बेहद भावुक होकर शुक्रिया अदा करती नजर आईं। स्थानीय लोगों ने भी दुकानदार के नेक कार्य की खुलकर तारीफ की और कहा कि ऐसे लोग समाज में विश्वास और मानवता की रोशनी जगाए रखते हैं।
- दुकानदार साहिल गुप्ता ने कहा—
“हमारे लिए ग्राहक केवल ग्राहक नहीं, परिवार हैं। उनकी सुरक्षा और विश्वास हमारी पहली प्राथमिकता है।” सचमुच आज के समय में किसी के खोए हुए सोने को लौटना सबसे चमत्कारी बातों में से एक है लेकिन यह भी सच है कि इस धरातल पर अभी ईमानदारी जिंदा है साहिल जैसे लोग जिन्होंने ईमानदारी को आज भी जिंदा रखा है उनको एक सलाम तो बनता है।


