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असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर और सहयोगी पर ED की बड़ी कार्रवाई…

असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर और सहयोगी पर ED की बड़ी कार्रवाई…

2.58 करोड़ की अचल संपत्तियों अटैच…

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Ashoka Times…6 December 2025

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हिमाचल प्रदेश के असिस्टेंट ट्रक कंट्रोलर निशांत सरीन किसी सहयोगी कोमल खन्ना की ईडी ने 2 करोड़ 58 लाख रुपए की अचल संपत्तियां अस्थाई रूप से अटैच कर दी है।

निशांत सरीन हिमाचल प्रदेश में ड्रग इंस्पेक्टर और बाद में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर (एडीसी) के पद पर नाहन, बद्दी और सोलन सहित विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। जांच में पाया गया कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फार्मास्युटिकल कंपनियों से अवैध वसूली की और गैरकानूनी तरीके से धन अर्जित किया। ईडी के अनुसार सरीन और उनकी सहयोगी कोमल खन्ना ने फार्मा कंपनियों पर दबाव बनाकर उन्हें भारी नुकसान पर व्यवसाय करने के लिए मजबूर किया और इस अवैध कमाई को दवाइयों से जुड़े व्यापारिक नेटवर्क के माध्यम से छिपाकर संपत्तियों में लगाया।

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, जालसाजी, उगाही और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हिमाचल प्रदेश सरकार के असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर निशांत सरीन और उनकी सहयोगी कोमल खन्ना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 2.58 करोड़ रुपए की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है।

निशांत सरीन को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 9 अक्तूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

बता दें कि इस वक्त भी जिला सिरमौर में कई ड्रग्स अधिकारी हैं जो 7 से 8 वर्षों से एक ही जगह पर तैनात है उन पर भी जल्द ही जांच की जांच की गाज गिर सकती है । आरोप लग रहे हैं कि कई वर्षों से एक ही जगह जमे जिला अधिकारियों ने फार्मास्यूटिकल कंपनियों से न केवल दबाव बनाकर धन अर्जित किया और उसे अपनी संपत्तियों बनाने में लगाया जा रहा है।

आपको याद दिला दें कि पिछले 6 महीना में हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में बाहरी राज्यों के ड्रग्स माफिया को नशीली दवाएं बेचने के लाइसेंस बांटे गए पंजाब और जम्मू कश्मीर नारकोटिक्स विभाग द्वारा पावटा साहिब से 36 लाख टेबलेट नशीली दवाएं गोदाम से बरामद की गई थी। वही पांवटा साहिब की एक फार्मा कंपनी को भी करोड़ों रुपए की कफ सिरप बेेचने के आरोप में ईडी ने कार्रवाई की है वह लाइसेंस जिला सिरमौर के ड्रग्स अधिकारियों द्वारा दिये गये थे।  इतना ही नहीं पांवटा साहिब और काला आम में लगातार अवैध रूप से बन रही दवाओं के बड़े खुलासे हो रहे हैं जिन में कथित तौर पर एक जगह पर कई वर्षों से जमें अधिकारियों की संलिप्तता भी पाई जा रही है।

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