Home / News / NH. 707 बनाने में बड़ी लापरवाही…यमुना और सहायक नदियों का अस्तित्व खतरे में…

NH. 707 बनाने में बड़ी लापरवाही…यमुना और सहायक नदियों का अस्तित्व खतरे में…

NH. 707 बनाने में बड़ी लापरवाही…यमुना और सहायक नदियों का अस्तित्व खतरे में…

दिल्ली पोलूशन कंट्रोल बोर्ड पहुंची शिकायत…

animal image

Ashoka Times…9 JUNE 23 Poanta Sahib 

पांवटा साहिब से शिलाई नेशनल हाईवे 707 बनाए जाने के दौरान यमुना की कई सहायक नदियों में भारी तादाद में मिट्टी और पत्थर डाल दिए गए जिसके कारण अब यमुना सहित कई सहायक नदियों का अस्तित्व खतरे में आ गया है इसकी शिकायत को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कुछ लोग मिले।

animal image

इस बारे में जानकारी देते हुए शिलाई के समाज सेवक और वहां के आम आदमी की आवाज बुलंद करने वाले नाथूराम चौहान ने बताया कि नेशनल हाईवे 707 बनाए जाने के दौरान ठेकेदार और कंपनियों ने पहाड़ों को काटकर मलबे को डंपिंग साइट तक पहुंचाने के बजाय नदी नालों में फेंक दिया। जिसके कारण 90% पानी लुप्त हो गया है। यमुना की सहायक नदियों के अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हो गया है आने वाली बरसात के दौरान जब इनमें पानी भरेगा तो यह गाद नदियों का रुख भी मोड़ सकती है जिसके कारण कई इलाकों में पानी भरने की समस्या भी उत्पन्न होगी।

केंद्रीय पोलूशन कंट्रोल बोर्ड चेयरमैन से मिले लोग…

उन्होंने नेशनल हाईवे पांवटा से शिलाई 707 बनाए जाने के दौरान ठेकेदारों द्वारा जो कोताही बरती गई है उसकी शिकायत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली को की गई है मुलाकात के दौरान उन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन ने आश्वासन दिया है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी और अगर मौके पर इस तरह की स्थिति दिखाई देती है तो बड़ी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

पर्यावरण के ताने-बाने को दिखाया गया ठेंगा…

बता दें कि यमुना नदी को जिंदा रखने के लिए उसमें कई सहायक नदियां जैसे गिरी और गिरी में भी कई सहायक नदियां आपस में जुड़ी हैं जो पहाड़ों से उतरती है नेशनल हाईवे बनाने के दौरान इन छोटी छोटी नदी नालों में जमकर मिट्टी और पत्थर डंप कर दिए गए जिसके कारण अब यह नदी नाले गाद में बदल चुके हैं ऐसे में इन नदी नालों में पलने वाले विलक्षण जीव भी तकरीबन समाप्त होने के कगार पर हैं।

नाथूराम चौहान ने बताया कि पांवटा साहिब में भी कई फैक्ट्रियों और शहर का मलमुत्र यमुना नदी में डाला जा रहा है जिसके कारण यहां के लोगों की भी भावनाओं को भी आहत किया जा रहा है उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे 707 और पांवटा साहिब में यमुना नदी में डाला जा रहा मल मूत्र और मिट्टी पत्थर को लेकर जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

नगर पालिका क्षेत्र में बंदरों, पशुओं व कुत्तों के आंतक से जनता परेशान… वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए सवाल

फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 5 जनवरी 2024 को-सुमित खिमटा 

दिव्यांग कला और जेबीटी अध्यापकों की काउंसलिंग 19 और 20 जून को-गुरजीवन कुमार

पत्नी ने रची थी अपने ही पति की हत्या की साजिश खुलने लगी परतें… पांवटा साहिब

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Icons