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दो पहिया वाहन को ही फूल भेंट कर मीडिया की सुर्खियां क्यों बटोरते हैं अधिकारी…

दो पहिया वाहन को ही फूल भेंट कर मीडिया की सुर्खियां क्यों बटोरते हैं अधिकारी…

कभी उन्हें भी फूल भेंट किजिए जो लोगों को कुचल कर निकल जाते हैं…

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Ashoka Times…

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पांवटा साहिब में पुलिस अधिकारी रेत बजरी से भरे ट्रक और ट्रैक्टर के चालकों को कभी फूल क्यों भेंट नहीं करते जो अक्सर आम आदमी को कुचल कर निकल जाते हैं। ये हमारा सवाल नहीं है बल्कि आम आदमी का है।

बीते कल रोड सेफ्टी क्लब और डीएसपी बीर बहादुर द्वारा नेशनल हाईवे पर अधिकतर दुपहिया वाहनों को फूल भेंट किए गए बिना हेलमेट सड़क पर दौड़ रहे चालकों को हेलमेट लगाने की सलाह दी गई हमारे कुछ पाठकों ने सवाल भेजे और पूछा है कि मिडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए सड़क पर चलने वाले दुपहिया वाहनों को ही क्यों फूल भेंट किए जाते हैं कभी उन वाहनों के चालकों को फूल भेंट करने चाहिए जो अक्सर दुपहिया तिपहिया छोटी गाड़ियों को कुचल कर निकल जाते हैं।

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हर रात 9:00 बजते ही शुरू होता है कहर…

कभी रात 9:00 बजे के बाद उत्तराखंड से पांवटा की सीमा में प्रवेश करने वाले सैकड़ों की तादाद में उन डंपर चालकों को भी फूल भेंट किए जाने चाहिए जो कई घंटे तक शहर की सड़कों और आबोहवा को रोक देते हैं।

हादसे कहीं जागरूक अभियान कहीं…

लगभग 2 वर्ष पहले हरिपुर टोहाना में एक रेत से भरा ट्रक माइनिंग गार्ड को कुचलकर निकल गया इसके अलावा अभी 1 सप्ताह भी नहीं बीता एक 21 वर्षीय युवा को माइनिंग में संलिप्त वाहन ने टक्कर मार दी जन्मदिन के दिन राहुल की मौत हो गई परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जब पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए तब जाकर अधिकारी मौके पर पहुंचे।

इस तरह के नजारे सड़कों पर हर रोज होते हैं इन्हें भी फूल भेंट किए जाने चाहिए…

बात हो रही है रेत बजरी से भरे ट्रैक्टर और डंपर की जो अक्सर बेपरवाह सड़कों पर दौड़ते हैं और उनकी चपेट में आने पर आम आदमी को दर्दनाक मौत मिलती है।

सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर गुलाब के फूल सिर्फ दुपहिया वाहनों को ही भेंट क्यों किए जाते हैं जबकि इन फूलों के असली हकदार वो डंपर हैं जो बेलगाम नो एंट्री में दोड़ते हैं वो ट्रैक्टर हैं जो बजरी से ओवरलोड सड़कों पर भाग रहे हैं।

बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले उन वाहनों को भी फूल भेंट किए जाएं जो नो एंट्री में हर रोज दोड़ते हैं…

हम यह नहीं कहते कि दुपहिया वाहनों को फूल भेंट ना किए जाएं लेकिन उनके साथ साथ उन वाहनों पर भी फूलों की बरसात होनी चाहिए जो अक्सर रेत बजरी से ओवरलोड होकर सड़कों पर चलते हैं सड़कों पर खड़े पुलिस के जवान देखने भर से ज्यादा कुछ नहीं कर पाते क्योंकि अधिकारियों के आदेश ऐसे ही होते हैं।

रोड सेफ्टी क्लब करता है बेहतरीन काम

हमें लगता है कि रोड सेफ्टी क्लब को भी कुछ बदलाव की आवश्यकता है हालांकि रोड सेफ्टी क्लब के अध्यक्ष भजन चौधरी और उनके सहयोगी लंबे समय से लोगों को रोड सेफ्टी के बारे में बताते आ रहे हैं वह किसी परिचय के मोहताज नहीं है लेकिन एक अभियान उन डंपर और ट्रैक्टर्स के लिए भी चलाया जाना चाहिए जो लोगों के बीच दहशत फैलाते हुए फर्राटे से निकल जाते हैं। ऐसी जगहों पर फूल भेंट करने की जरूरत है जहां जान की कीमत कुछ भी नहीं है और ऐसी जगह पुलिस अधिकारियों से बेहतर कोई नहीं बता सकता।

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